Jamshedpur news.
आंखों के ऑपरेशन के बाद लगने वाला एक्सटेंडेड फोकस लेंस मरीजों को लगने वाले चश्मे की निर्भरता का काफी कम करता है. यह लेंस मल्टीफोकल या मोनोफोकल दोनों का फायदा देता है. उक्त बातें बिष्टुपुर स्थित एक होटल में जमशेदपुर ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित सेमिनार में उपस्थित डॉ भारती शर्मा ने कही. उन्होंने कहा कि ईडीओएफ लेंस यानि एक्सटेंडेड डेप्थ ऑफ फोकस लोगों के दृष्टि की सीमा को व्यापक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. मोतियाबिंद सर्जरी के बाद साफ व स्पष्ट देखना चाहते हैं या चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस पर से निर्भरता को खत्म करना चाहते हैं, तो एक्सटेंडेड डेप्थ ऑफ फोकस लेंस आपके लिए एक उचित विकल्प हो सकता है.वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विवेक केडिया ने ऑटोमैटिक लेंस डिलीवरी के बारे में बताया, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड गैस के प्रेशर द्वारा सुगम तरीके से लेंस को आंखों के अंदर लगा सकते हैं. वहीं इस दौरान मुख्य रूप से डॉ विभूति भूषण, डॉ डीके सिंहल, डॉ अंकुर बोस, डॉ पूनम रावत ने अपने अनुभवों को साझा किया. इस कार्यक्रम का संचालन डॉ अजय कुमार गुप्ता ने किया. इस दौरान डॉ एस के मित्रा, डॉ आशारानी प्रसाद, डॉ पूनम सिंह, डॉ प्रदीपता कुंडू, डॉ जखनवाल, डॉ सुशील बाजोरिया, डॉ रूबी पांडे, डॉ कावेरी, एवं अन्य नेत्र सर्जन उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
