कुड़मी समाज ने मनाया महासंग्राम दिवस व एकजुटता का नारा दिया

जमशेदपुर सहित झारखंड के कुड़मी समाज ने पुरुलिया में महासंग्राम दिवस मनाया. नेताओं ने आठवीं अनुसूची में कुड़माली भाषा को शामिल करने और राजनीतिक दलों को चेतावनी दी.

जमशेदपुर: जमशेदपुर और कोल्हान समेत झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों कुड़मी समाज के लोगों ने पुरूलिया के कड़ाडीह मैदान में एकजुटता का हुंकार भरा. अवसर था 'रेल टेका एवं डहर छेंका' कार्यक्रम की स्मृति में आयोजित 'महासंग्राम दिवस' का. कार्यक्रम के दौरान समाज के नेताओं ने अपने संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक अस्तित्व की रक्षा के लिए सभी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आने का आह्वान किया.

आठवीं अनुसूची में शामिल हो कुड़माली भाषा

अजीत प्रसाद कार्यक्रम में समाज के प्रमुख संयोजक अजीत प्रसाद महतो ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी. उन्होंने मांग रखी कि केंद्र सरकार अगले तीन महीनों के भीतर कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करे. महतो ने कहा कि यदि सरकार इस मांग को तय सीमा में पूरा नहीं करती है, तो पूरा समाज बाध्य होकर एक बड़ा महाआंदोलन खड़ा करेगा.

राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी

अजीत प्रसाद महतो ने राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुड़मी समाज को महज 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल करना अब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा. सामाजिक अस्तित्व को बचाए रखने के लिए उन्होंने आपसी मतभेदों से ऊपर उठने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार हासिल करने के लिए व्यापक सामाजिक एकजुटता ही एकमात्र रास्ता है.


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लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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