जमशेदपुर: कस्तूरबा विद्यालय निरीक्षण में वार्डन ने विधायक को नहीं पहचाना, पूछा -  कौन है आप, स्कूल के अंदर कैसे आए?

Jamshedpur News: जमशेदपुर के कस्तूरबा विद्यालय में विधायक संजीव सरदार के औचक निरीक्षण में शिक्षक अनुपस्थित, गंदगी और अनियमितताएं सामने आई है. उन्होंने मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

रंजन की रिपोर्ट 

Jamshedpur News: झारखंड में जमशेदपुर प्रखंड के सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में मंगलवार को औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आई. पोटका के विधायक संजीव सरदार ने जब विद्यालय का निरीक्षण किया तो अधिकांश कक्षाओं में शिक्षक अनुपस्थित मिले, जबकि कई कक्षाओं में न तो शिक्षक थे और न ही छात्राएं. करीब 10:30 बजे विद्यालय पहुंचने पर 12 वर्षों से कार्यरत वार्डन रीना कुमारी सिंह विधायक को पहचान तक नहीं सकीं और उनसे नाम पूछ बैठीं, जिस पर विधायक बहुत नाराज हुए और अपना नाम बताया तो वार्डन ने कहा कि हम तब भी आपको नहीं पेचहनते है इससे वहां मामला थोड़ा गर्म हो गया. 

कक्षा में शिक्षक गायब, छात्राएं नहीं दे सकीं जवाब

निरीक्षण के दौरान विधायक कक्षा 12 में पहुंचे, जहां छात्राएं तो मौजूद थीं लेकिन शिक्षक नहीं थे. छात्राओं से सामान्य ज्ञान के सवाल – झारखंड और भारत की जनसंख्या पूछे जाने पर 40 में से एक भी छात्रा जवाब नहीं दे सकी. कक्षा 11 की स्थिति भी यही रही. कक्षा 10 में 68 छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन वहां भी कोई शिक्षक नहीं था. अन्य कक्षाएं पूरी तरह खाली थी. इस स्थिति पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी और वार्डन से स्पष्टीकरण मांगते हुए तीन दिनों के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए. 

किचन में गंदगी, छात्राओं के स्वास्थ्य पर खतरा

विद्यालय के किचन निरीक्षण के दौरान गंदगी का अंबार और मक्खियों का जमावड़ा देख विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इस तरह के वातावरण में तैयार भोजन छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. उन्होंने रसोइयों और प्रबंधन को साफ-सफाई और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया. 

एडमिशन में गड़बड़ी के आरोप, अभिभावकों में नाराजगी

निरीक्षण के दौरान पुड़िहासा गांव के भोक्ता हांसदा ने विधायक को बताया कि बीपीएल परिवार से होने के बावजूद उनकी बेटी का दाखिला नहीं लिया गया, जबकि नियमों के विरुद्ध अन्य छात्राओं का एडमिशन किया गया. आरोप है कि वार्डन द्वारा दाखिले में मनमानी की जाती है, जिससे अभिभावकों में आक्रोश है. इस पर विधायक ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया. 

छात्राओं के शिक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं –  विधायक संजीव सरदार

निरीक्षण के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि अभिभावकों और ग्रामीणों की शिकायतें जांच में सही पाई गई हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय में 22 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन कक्षाओं में उनकी उपस्थिति नहीं है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. साथ ही किचन की बदहाल स्थिति से स्वास्थ्य पर खतरा है. उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि जल्द ही इस पूरे मामले से राज्य के शिक्षा मंत्री को भी अवगत कराया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

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By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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