जमशेदपुर: जुगसलाई रेलवे क्रॉसिंग पर बना फुट ओवरब्रिज इन दिनों सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनता जा रहा है. करीब छह माह से ब्रिज की स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था बदहाल है. करीब 110 लाइटों में से महज 19 लाइटें ही जल रही हैं, जबकि बाकी लाइटें बंद हैं. शाम होते ही ब्रिज के कई हिस्से अंधेरे में डूब जाते हैं. ऐसे में पैदल और साइकिल से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.
बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है. ब्रिज के दोनों ओर जलजमाव और कीचड़ जमा हो जाता है. साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई जगह गंदगी भी दिखाई देती है. वहीं ब्रिज के आसपास बेतरतीब पार्किंग के कारण राहगीरों के लिए रास्ता भी प्रभावित होता है.
प्रभात खबर की टीम ने फुट ओवरब्रिज का जायजा लिया. इस दौरान करीब 110 स्ट्रीट लाइटों में से सिर्फ 19 लाइटें ही जलती मिलीं. अधिकांश लाइटें बंद थीं. रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से ब्रिज से गुजरने वाले लोगों को विशेष परेशानी होती है.
पार्किंग और अतिक्रमण ने बढ़ायी परेशानी
ब्रिज के दोनों ओर पार्किंग की अव्यवस्था भी राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. बिष्टुपुर की ओर वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा कर दिया जाता है, जिससे कई बार जाम की स्थिति बनती है. स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ जगहों पर वाहनों की पार्किंग के कारण स्ट्रीट लाइटें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.
फुट ओवरब्रिज पर पैदल और साइकिल से चलने वाले लोगों के लिए अलग रास्ता बनाया गया था. लेकिन रखरखाव और साफ-सफाई के अभाव में इसकी स्थिति भी खराब हो गयी है. कई जगह कीचड़ और गंदगी जमा है. बारिश के बाद इस रास्ते से गुजरना लोगों के लिए और मुश्किल हो जाता है.
शिकायत के बाद मरम्मत, फिर वही हाल
स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट खराब होने या दूसरी समस्याओं की शिकायत करने पर मरम्मत तो करायी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है. नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण समस्या स्थायी रूप से दूर नहीं हो पा रही है.
रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण ब्रिज से गुजरने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है. खासकर स्कूल से लौटने वाले बच्चों और ड्यूटी से वापस आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
1.66 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए
जुगसलाई रेलवे क्रॉसिंग पर बने फुट ओवरब्रिज के निर्माण पर करीब 1 करोड़ 66 लाख 41 हजार रुपये खर्च हुए हैं. ब्रिज पर करीब 110 स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी हैं. इसके बावजूद अधिकांश लाइटें बंद रहने से रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गयी सुविधा का नियमित रखरखाव नहीं होने से इसका पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है.
लोगों ने क्या कहा
प्रवीण प्रसाद, राहगीर ने कहा कि फुट ओवरब्रिज पर लंबे समय से अव्यवस्था बनी हुई है. पर्याप्त रोशनी नहीं होने और रखरखाव के अभाव में राहगीरों और व्यवसायियों को काफी परेशानी होती है. अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. व्यवस्था जल्द दुरुस्त होनी चाहिए.
अमर तिवारी, राहगीर ने कहा कि ब्रिज के आसपास पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या से राहगीरों को निजात मिलनी चाहिए. खासकर स्कूल की छुट्टी के समय स्कूली बच्चों और ड्यूटी से लौटने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है. पार्किंग की उचित व्यवस्था जरूरी है.
वसीम खान, व्यापारी, जुगसलाई ने कहा कि ब्रिज पर भीड़भाड़ और अतिक्रमण की स्थिति नहीं होनी चाहिए. पर्याप्त जगह और व्यवस्थित यातायात रहने से आम लोगों के साथ आपातकालीन सेवाओं को भी आवागमन में आसानी होगी. प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
अमीर हमजा, व्यापारी, जुगसलाई ने कहा कि ब्रिज पर साफ-सफाई और नियमित रखरखाव की व्यवस्था होनी चाहिए. यह जुगसलाई के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है. इसकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ आम लोगों की भी है.
पदाधिकारी ने कहा- तत्काल दुरुस्त होगी व्यवस्था
जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष नौशीन खान ने कहा कि मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने के साथ ब्रिज के आसपास साफ-सफाई और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. जरूरत पड़ने पर इसे अभियान के तौर पर चलाया जाएगा. व्यवसायियों और राहगीरों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे लेकर भी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.
