पोटका : भीषण गर्मी, गाजे-बाजे की गूंज और पारंपरिक परिधानों में उमड़ी भीड़... शनिवार को पोटका प्रखंड मुख्यालय का नजारा अलग ही दिखा. केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक (एमएमडीआर) के विरोध में झामुमो की ओर से आयोजित जनाक्रोश रैली और प्रदर्शन में प्रखंड की सभी 34 पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे. केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच रैली प्रखंड मुख्यालय पहुंची, जहां जनसभा के बाद झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम बीडीओ एवं सीओ को ज्ञापन सौंपा.
गाजे-बाजे के साथ पहुंचे ग्रामीण, महिलाओं की भी रही भागीदारी
विभिन्न पंचायतों से ग्रामीण और झामुमो कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में पोटका मुख्यालय पहुंचे. पारंपरिक परिधानों में पहुंचे लोगों ने गाजे-बाजे के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. भीषण गर्मी के बावजूद रैली में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही. 34 पंचायतों से आये जुलूस के मुख्यालय पहुंचने के बाद पूरा परिसर जनसभा में तब्दील हो गया. पार्टी नेताओं ने एमएमडीआर विधेयक को झारखंड के अधिकारों और खनिज संसाधनों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए इसका विरोध किया.
झारखंड के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन
जनसभा को संबोधित करते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर झारखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एमएमडीआर विधेयक के माध्यम से राज्य के खनिज संसाधनों और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. संजीव सरदार ने आरोप लगाया कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में भाजपा हेमंत सोरेन के नेतृत्व को नहीं हरा सकी, इसलिए अब षड्यंत्र के माध्यम से झारखंड के खनिज संसाधनों पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झामुमो राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगा. विधायक ने राज्य सरकार की मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, अबुआ आवास समेत अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन योजनाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है.
जनता के सहयोग से जारी रहेगा आंदोलन
संजीव सरदार ने कहा कि एमएमडीआर विधेयक के खिलाफ झामुमो जनता के सहयोग से सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड शहीदों की धरती है और यहां की जनता अपने अधिकारों के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है. पोटका की रैली ने यह संदेश दिया है कि लोग अपने अधिकारों और हितों के मुद्दे पर एकजुट हैं. रैली और प्रदर्शन के बाद झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम बीडीओ एवं सीओ को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से एमएमडीआर विधेयक पर पार्टी की आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसे झारखंड के हितों से जोड़कर विरोध जताया गया.
मौके पर ये थे मौजूद
कार्यक्रम में झामुमो पर्यवेक्षक मोहन कर्मकार, वरिष्ठ नेता राजू गिरि, झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो, बबलू चौधरी, उपप्रमुख उर्मिला सामाद, पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो, हीरामनी मुर्मू, रजनी षांडगी, भुगलु टुडू, मुखिया कार्तिक मुर्मू, बाघराय सोरेन, दुखु मार्डी, प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन, भुवनेश्वर सरदार, हितेश भगत, चक्रधर महतो, मो. जमाल, भूपति महतो, बनमाली महतो, बीरेन पात्र, पंसस दीपक भगत समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे.
