सरायकेला के चांडिल बाजार में दो नवजात को लेकर सड़क पर बैठी थी मानसिक बीमार महिला,लोगों ने दिया मानवता का परिचय

सरायकेला के चांडिल बाजार क्षेत्र में दो जुड़वा नवजात के साथ मानसिक रूप से बीमार महिला सड़क पर बैठे मिली. लोगों को जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया गया. वहीं, पुलिस, पीएलबी व डालसा के सदस्य ने समय रहते उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम में भर्ती कराया.

By Prabhat Khabar Print Desk | October 17, 2021 6:01 PM

Jharkhand News (हिंमांशु गोप, चांडिल, सरायकेला) : सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल के लोगों ने एकबार फिर मानवता का परिचय दिया है. बीते शनिवार कि देर रात करीब 10 बजे एक मानसिक रूप से बीमार महिला ने दो नवजात को लेकर घूम रही थी. इस बीच स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठी महिला के दोनों नवजात के रोने पर इकट्ठा हुए. तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गयी. इस मामले की जानकारी डालसा को भी हुई. इसके बाद जच्चा-बच्चा का बेहतर इलाज जमशेदपुर के एमजीएम में हो रहा है.

देर रात को मानसिक रूप से बीमार चांडिल चौक बजार के स्ट्रीट लाइट के नीचे अपने दो जुड़वा छोटी बेटियों को लेकर बैठी थी. देर रात को दोनों बच्चियों की रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गये और मानसिक रूप से बीमार महिला से पूछताछ करने लगे. बीमार महिला कुछ भी बता नहीं पा रही थी.

इसके बाद ग्रामीण व पीएलबी मो रमजान अंसारी ने इसकी सूचना चांडिल थाना को दिया और एंबुलेंस से इस महिला को अनुमंडलीय अस्पताल चांडिल में ले जाकर भर्ती कराया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे एमजीएम, जमशेदपुर भेज दिया गया. वहीं, दोनों छोटे बच्चों को स्थानीय चांडिल बासियों व पीएलवी ने समय रहते ही चांडिल अस्पताल पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने भी तत्परता के साथ इलाज करते हुए एमजीएम रेफर कर दिया, ताकि जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ्य रहे.

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सूचना पर डालसा सचिव पहुंचे चांडिल, जच्चा-बच्चा का जाना हाल

मानसिक रूप से बीमार महिला द्वारा बच्चा जन्म दिये जाने की सूचना पर रविवार को डालसा सचिव क्रांति कुमार चांडिल पहुंचे तथा महिला व नवजातों का हालचाल जाना. डालसा सचिव क्रांति कुमार ने बताया कि मानसिक रूप से बीमार महिला के दो बच्चों के जन्म देने की जानकारी डीसी अरवा राजकमल को दिया गया, तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए समुचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. साथ ही पीएलवी मो रमजान को उक्त महिला की देखरेख के लिए एमजीएम भेजा गया है, ताकि वहां पर भी समुचित इलाज हो सके व जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य रह सके.

बांधडीह गांव की है मानसिक रूप से बीमार महिला

मानसिक रूप से बीमार महिला की पहचान नीमडीह थाना क्षेत्र के चालियामा पंचायत के बांधडीह गांव निवासी बैद्यनाथ सिंह सरदार की पत्नी सरस्वती सिंह सरदार के रूप में हुई है. मानसिक रूप से बीमार महिला सरस्वती सिंह का माइका चांडिल के हुमिद-धातकीडीह में है. इस संबंध में जानकारी देते हुए पीएलवी मो रमजान अंसारी ने बताया कि मानसिक रूप से बीमार महिला का इलाज एमजीएम, जमशेदपुर में चल रहा है.

करीब एक सप्ताह पूर्व महिला ने दो जुड़वा नवजात बच्चे को जन्म दिया है. बीमार महिला के पति बैद्यनाथ सिंह सरदार ने बताया कि वह अपनी माइका में रहती थी. उसका मानसिक स्थिति सही नहीं है. घर से निकलने के बाद उसकी खोजबीन की जा रही है, लेकिन किसी तरह भटक कर वो चांडिल पहुंच गयी.

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पूर्व में भी चांडिल में मानसिक बीमार महिला ने बच्चे को दिया था जन्म

चांडिल सीएचसी के समीप पूर्व में भी एक मानसिक रूप से बीमार महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद उससे सीएचसी में इलाज कराया गया था. जन्म के बाद जच्चा व बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं.

Posted By : Samir Ranjan.

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