8 साल सेवा के बाद नौकरी से हटाया, 7 माह का वेतन भी अटका, अब JMM ने उठाया मुद्दा

परसुडीह निवासी उमाकांत पाल को सदर अस्पताल में 8 साल सेवा देने के बाद अचानक नौकरी से निकाल दिया गया. पिछले 7 महीनों का वेतन भी नहीं मिला है. इस मामले को लेकर सामाजिक सेवा संघ और झामुमो के नेता एकजुट हुए हैं.

जमशेदपुर: परसुडीह निवासी मजदूर उमाकांत पाल को सदर अस्पताल में आठ वर्षों तक लगातार सेवा देने के बाद अचानक काम से हटाये जाने, पिछले सात महीनों का बकाया वेतन रोकने और फाइनल सेटलमेंट नहीं दिये जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है. पीड़ित मजदूर को न्याय दिलाने के लिए सामाजिक सेवा संघ और झामुमो के नेताओं ने एकजुट होकर पहल शुरू कर दी है.

सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष सह झामुमो नेता राजेश सामंत के नेतृत्व में शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन से मुलाकात की. इस दौरान नेताओं ने आउटसोर्सिंग एजेंसी ''स्वास्तिक एंटरप्राइजेज'' द्वारा किये जा रहे कथित उत्पीड़न पर कड़ा ऐतराज जताया और उमाकांत पाल को तत्काल प्रभाव से वापस काम पर रखने व उनका सात माह का लंबित मानदेय भुगतान कराने की मांग रखी.

वार्ता के दौरान सिविल सर्जन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित ठेकेदार से बात कर पीड़ित मजदूर को पुनः काम पर बहाल कराने का आश्वासन दिया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में झामुमो नेता राजेश सामंत के अलावा झारखंड आंदोलनकारी नेता छोटे सरदार, उमाकांत परिहार, राजकुमार सिंह, मुखिया शिवलाल लोहरा, सामाजिक सेवा संघ की महिला अध्यक्ष रूपम सिंह, जितेंद्र ठाकुर और सुधांशु कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >