जमशेदपुर : दुर्गा पूजा का त्योहार नजदीक आते ही शहर की औद्योगिक इकाइयों में बोनस को लेकर सुगबुगाहट तेज है. टाटा स्टील और उससे जुड़ी कंपनियों में बोनस की घोषणा हाे चुकी है. इसके साथ ही टाटा मोटर्स, टाटा कमिंस, टिमकेन, टीएसडीपीएल और टाटा स्टील कलर्स (पूर्व में टाटा ब्लूस्कोप) के कर्मचारियों की भी बोनस को लेकर उत्सुकता बढ़ गयी है. कर्मचारियों का दबाव अब यूनियन नेताओं पर साफ नजर आ रहा है.
टाटा मोटर्स : प्रबंधन और यूनियन के बीच बैठकों का दौर जारी
टाटा मोटर्स में बोनस समझौते को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच औपचारिक वार्ता शुरू हो चुकी है. दोनों पक्षों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है. हालांकि, बातचीत अभी निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंची है. दुर्गा पूजा के त्योहार को देखते हुए यूनियन का प्रयास है कि जल्द से जल्द एक सम्मानजनक बोनस समझौते पर मुहर लगे. सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन और यूनियन दोनों ही सकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं और जल्द ही बोनस पर सहमति बनने के आसार हैं.
टिमकेन : बोनस पर वार्ता शुरू, नये फॉर्मूले पर भी मंथन
टिमकेन में आगामी वर्षों के बोनस फॉर्मूले को तय करने को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता का दौर जारी है. मंगलवार को भी प्रबंधन और यूनियन के बीच बोनस फॉर्मूला तय करने को लेकर बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. वहीं, दोनों पक्षों का प्रयास है कि दुर्गा पूजा से पहले, यानी सितंबर माह के वेतन के साथ ही कर्मचारियों को बोनस राशि मिल जाये. इसके लिए सितंबर के वेतन बिल तैयार होने से पूर्व समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने का लक्ष्य तय किया गया है.
टीएसडीपीएल : विश्वकर्मा पूजा के बाद शुरू होगी बोनस वार्ता
टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीएसडीपीएल) में कर्मचारियों के बोनस को लेकर अभी आधिकारिक बैठक शुरू नहीं हुई है. यूनियन सूत्रों के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा (17 सितंबर) के बाद प्रबंधन के साथ बोनस वार्ता शुरू होगी. इसके बाद ही तय होगा कि दुर्गा पूजा से पहले कर्मचारियों को किस फॉर्मूले पर और कितनी बोनस राशि मिलेगी.
टाटा स्टील कलर्स : रिकॉर्ड उत्पादन के बाद बेहतर बोनस की उम्मीद
टाटा स्टील कलर्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में टाटा ब्लूस्कोप) में इस वर्ष बोनस को लेकर स्थिति थोड़ी उलझी हुई है. प्रबंधन नये फॉर्मूले पर हस्ताक्षर कराने के पक्ष में है, जबकि यूनियन नये प्रस्ताव के कई बिंदुओं से असहमत होते हुए पुराने पैटर्न पर ही बोनस समझौता करना चाहता है. इधर, कर्मचारियों का तर्क है कि बीते वित्तीय वर्ष में प्लांट ने उत्पादन और बिक्री (डिस्पैच) के मामले में ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाया है, इसलिए दुर्गा पूजा पर उन्हें बेहतर बोनस मिलना चाहिए. अब तक तीन दौर की वार्ता हो चुकी है. सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच जारी गतिरोध को सुलझाने में आगामी 10 से 15 दिनों का वक्त लगने की संभावना है.
टाटा कमिंस : मांग पत्र सौंपा, जल्द शुरू होगी औपचारिक वार्ता
टाटा कमिंस में बोनस को लेकर औपचारिक प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गयी. कंपनी की मान्यता प्राप्त टीसी कर्मचारी यूनियन की ओर से प्रबंधन को बोनस से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया. इसके साथ ही अब बोनस समझौते को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच औपचारिक वार्ता का दौर शुरू होगा. मांग पत्र सौंपने के दौरान प्रबंधन की तरफ से एचआर अधिकारी विक्रम व अमरजीत और यूनियन की ओर से अध्यक्ष राजेश कुमार, संयुक्त महासचिव शंभू शरण, अनूप सिन्हा, नितेश शर्मा, रतन प्रमाणिक, प्रदीप साहू, अजय, कमलेश सिंह सहित सभी कमेटी मेंबर थे. अब जल्द ही प्रबंधन के साथ बोनस वार्ता के लिए बैठक की तिथि तय की जायेगी.
लगातार तीसरी बार 20% बोनस मिलने की संभावना
कमिंस में बोनस फॉर्मूले में उत्पादन के लिए 9, मुनाफे के लिए 8 और बीआइएस (क्वालिटी) के लिए 3 प्वाइंट तय हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक परिचालन योजना (एओपी) के तहत 1 लाख 52 हजार 386 इंजन बनाने का लक्ष्य, 603 करोड़ रुपये का मुनाफा और 550 पीपीएम बीआइएस तय किया गया था. यूनियन सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने उत्पादन लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसके चलते लगातार तीसरी बार अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलने की संभावना है. 2025 में कंपनी के 773 कर्मचारियों के बीच 9 करोड़ 3 लाख रुपये बोनस राशि बांटी गयी थी. कर्मियों को अधिकतम 1,41,537 रुपये और न्यूनतम 74,968 रुपये बोनस के रूप में मिले थे.
