जमशेदपुर : जमशेदपुर को मेडिकल हब बनाया जायेगा. इसको ध्यान में रखते हुए एमजीएम, सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को अपडेट किया जा रहा है. वहीं, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और पीजी सीट को बढ़ाने व उसके लिए लगने वाले उपकरणों के लिए लगभग 600 करोड़ रुपया दिया जा रहा है. उक्त बातें स्थानीय सर्किट हाउस में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कही.
जल्द सीटी स्कैन व एमआरआई मशीन लगायी जायेगी : मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा - एमजीएम सहित सभी सरकारी अस्पतालों में जल्द सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन लगा दी जायेगी. इसके लिए विभाग के द्वारा टेंडर कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल में लिफ्ट की समस्या है जिनको जल्द ही दूर कर दिया जायेगा. इसके साथ ही डॉक्टरों के नहीं रहने से दो लोगों की मौत हो गयी थी उसकी जांच की जायेगी. इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
मरीजों को मिलेगी इलाज से संबंधित हर सुविधा
उन्होंने कहा कि इलाज से संबंधित हर वह सुविधा एमजीएम अस्पताल में मरीजों को मिलेगी जिसकी उनको जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह तेजी से मलेरिया फैला हुआ था. उसको देखते हुए एमजीएम अस्पताल में पढ़ाई कर रहे 100 डॉक्टरों को एक साथ सभी जगहों पर लगा दिया गया जिससे मलेरिया पर काबू पाया गया.
एमजीएम में वेंटिलेटर की कमी होगी दूर
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि एमजीएम अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी है. इतने बड़े अस्पताल में सिर्फ एक वेंटिलेटर है जिससे यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है इसको ध्यान में रखते हुए बहुत जल्द एमजीएम अस्पताल को वेंटिलेटर उपलब्ध करा दिया जायेगा. रांची जाने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. इसके साथ ही पूरे झारखंड में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि बैंगलोर, केरला, तामिलनाडू से लगभग दो हजार डॉक्टरों को ला कर यहां हॉस्पिटल में तैनात किया जायेगा. जिससे डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सकें. उन्होंने कहा कि रांची में बन रहे रिम्स टू झारखंड के लोगों के लिए बरदान साबित होगा. लेकिन यहां के कुछ लोग इसका विरोध कर रहे है. तो कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे है.
