जमशेदपुर: अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर शुक्रवार को झामुमो युवा मोर्चा ने जोरदार प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने साकची स्थित बसंत टॉकीज चौक से उपायुक्त कार्यालय तक घोड़ा-गाड़ी के रथ पर सवार भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान हनुमान और बानर सेना की आकर्षक झांकियों के साथ विरोध मार्च निकाला. धार्मिक वेशभूषा में शामिल कलाकारों और समर्थकों ने पूरे मार्ग में लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. कार्यकर्ता ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर चंदा चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद की. उनका कहना था कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास सर्वोपरि है तथा इस तरह की घटनाएं समाज की भावनाओं को आहत करती हैं. इस दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन की ओर से पूरे मार्ग में पुलिस बल की भी तैनाती की गयी थी.
केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
विरोध मार्च उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शन में बदल गया. यहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो नेता बबन राय कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया चंदा पूरी आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है. यदि उस राशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी या चोरी हुई है, तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला है. बबन राय ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाने की मांग की. बबन राय ने कहा कि आज समाज का एक वर्ग मानसिक विकृति के दौर से गुजर रहा है, जहां भगवान के नाम पर दिये गये चंदे पर भी बुरी नजर डाली जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों का विश्वास कमजोर होगा.
