आशियाने के लिए 'विद्रोह': 6 साल का इंतजार खत्म, जमशेदपुर के PMAY लाभुक 6 मई को करेंगे सामूहिक गृह प्रवेश

Jamshedpur PMAY Scheme: जमशेदपुर के बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभुकों ने बार-बार टल रही डेडलाइन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. 6 साल से अधूरे निर्माण और आर्थिक तंगी से परेशान लाभुकों ने विधायक सरयू राय के समर्थन से 6 मई को सामूहिक गृह प्रवेश पूजा का निर्णय लिया है. विधायक सरयू राय ने सरकार की लेत-लतीफी और निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया है.

जमशेदपुर, (आशोक झा कीरिपोर्ट): जमशेदपुर के बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PRAW) के सैकड़ों लाभुक रविवार सुबह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर जमा हुए. लाभुकों ने व्यथा सुनाते हुए कहा कि पूरा पैसा जमा करने के बावजूद उन्हें पिछले 6 साल से चाबी नहीं मिल रही है. थक-हारकर लाभुकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे आगामी 6 मई को शुभ मुहूर्त में अपने-अपने घरों में सामूहिक गृह प्रवेश पूजा करेंगे. विधायक सरयू राय ने इस फैसले का न केवल समर्थन किया, बल्कि पूजा सामग्री और पंडाल की व्यवस्था स्वयं करने का एलान किया.

दोहरी आर्थिक मार और बदतर हालात

लाभुकों ने बताया कि वे वर्तमान में ‘दोहरी मार’ झेल रहे हैं. एक तरफ बैंकों से लिए गए लोन की EMI कट रही है, तो दूसरी तरफ घर न मिलने के कारण वे 4,000 से 6,000 रुपये तक प्रति माह किराया देने को मजबूर हैं. कई परिवारों की माली हालत इतनी खराब हो गई है कि उनके पास खाने तक के लाले पड़ रहे हैं. योजना के तहत ब्लॉक नंबर 8 और 23 में 95% काम पूरा होने के बावजूद बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का काम अब भी अधूरा है.

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भ्रष्टाचार और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

विधायक सरयू राय ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि 21 ब्लॉक में से मात्र 2 ब्लॉक ही तैयार हो सके हैं. लाभुकों ने विधायक को ऐसी तस्वीरें और वीडियो दिखाए, जिनमें नवनिर्मित मकानों की दीवारों में दरारें और प्लास्टर गिरते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं. राय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि घर मिलने से पहले ही आशियाने टूटने लगे हैं.

सरकार और जुडको के बीच पिस रही जनता

परियोजना का जिम्मा जुडको (JUIDCO) को दिया गया था, जिसने छह अलग-अलग कंपनियों को काम सौंपा है. जिस योजना को मार्च 2021 तक पूरा होना था, वह मई 2026 तक भी फिनिशिंग स्टेज में ही अटकी हुई है. सरयू राय ने कहा कि वे सोमवार को मुख्यमंत्री और विभागीय सचिव से मिलकर इस समस्या के समाधान का अंतिम प्रयास करेंगे ताकि लाभुकों को आधिकारिक रूप से चाबी मिल सके.

परियोजना एक नजर में

  • कुल फ्लैट्स (संशोधित): 7372 (24 ब्लॉक में)
  • कुल लागत: 653 करोड़ रुपये
  • प्रति फ्लैट लागत: 6.81 लाख रुपये
  • लाभुकों का अंशदान: 4.31 लाख रुपये
  • कारपेट एरिया: 313 वर्ग फीट
  • संरचना: G+8 (ग्रुप हाउसिंग)
  • सुविधाएं: जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, पार्क और पार्किंग

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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