क्या जमशेदपुर में फिर होगा गैंगवार? निखार हत्याकांड के बाद पुराने गिरोह सक्रिय, ये अपराधी रडार पर

जमशेदपुर में एक बार फिर गैंगवार की आशंका गहरा गई है. पुराने गिरोह सक्रिय हो गए हैं और जेल से ही अपना नेटवर्क चला रहे हैं. निखार हत्याकांड ने शहर की शांति भंग कर दी है. जानिए क्या है पूरा मामला.

जमशेदपुर : शहर में एक बार फिर गैंगवार की आशंका बढ़ गयी है. पुराने गिरोह सक्रिय होने लगे हैं. दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह और गणेश सिंह की अदावत में दोनों गिरोह के करीबी दो कारोबारी की जान जा चुकी है. दूसरी ओर, शातिर अपराधी मानगो निवासी माशूक मनीष और जुगसलाई के शातिर अपराधी मनीष सिंह भी जेल के अंदर से ही अपना गिरोह चला रहे हैं.

निखार हत्याकांड ने भंग की शहर की शांति

पिछले कुछ माह से शहर शांत था, लेकिन निखार सबलोक की होटल में घुसकर हत्या ने शहर में एक बार फिर अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाया है. गैंगस्टर अखिलेश सिंह के कथित गुरु विक्रम शर्मा की देहरादून में जमशेदपुर के अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस कांड में साजिश का आरोप गणेश सिंह गिरोह पर लगा था. इससे पहले गणेश सिंह ने मानगो के शातिर गैंगस्टर अमरनाथ सिंह की बासुकीनाथ में गोली मारकर हत्या कर दी थी. दोनों हत्या में शामिल शूटर एक ही थे.

विक्रम शर्मा की हत्या के बाद अखिलेश गिरोह से बढ़ गयी अदावत

अमरनाथ सिंह की हत्या के बाद उसके गिरोह से जुड़े सदस्यों से गणेश सिंह की अदावत तो थी ही, इधर विक्रम शर्मा की हत्या के बाद अखिलेश सिंह गिरोह से भी अदावत बढ़ गयी. अमरनाथ की हत्या के बाद गिरोह की कमान जेल में बंद माशूक मनीष ने संभाला और गिरोह के सदस्यों को संगठित करने में जुट गया. वर्तमान में माशूक मनीष जेल से ही गिरोह चला रहा है. गिरोह के कई सदस्य जेल से बाहर हैं.

जेल से गिरोह चला रहा है मनीष सिंह

दूसरी ओर गणेश सिंह के सहयोगी रहे जुगसलाई निवासी मनीष सिंह भी जेल से गिरोह चला रहा है. पिछले दिनों पुलिस ने मनीष सिंह गिरोह के 10 से 12 युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वर्तमान में हर गिरोह अपना वर्चस्व कायम करने के लिए दूसरे गिरोह के सदस्यों को निशाने पर रख रहा है. ऐसे में जिला पुलिस के लिए इन अपराधियों पर लगाम लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया है. अखिलेश गिरोह के सदस्य एक बार फिर शहर में सक्रिय हो गये हैं. तो निखार सबलोक की हत्या के बाद गणेश गिरोह भी इसका बदला लेने की तैयारी में जुट गया है. स्पेशल ब्रांच ने भी पुलिस मुख्यालय को शहर में गैंगवार की आशंका जताते हुए रिपोर्ट भेजी है.

अखिलेश गिरोह के निशाने पर गणेश के कई साथी

पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि विक्रम शर्मा की हत्या के बाद गैंगस्टर अखिलेश सिंह ने गणेश सिंह के करीबियों की लिस्ट तैयार की है, जो उनके निशाने पर हैं. इसमें निखार सबलोक के अलावा बागबेड़ा निवासी विजय सिंह उर्फ मोनू, गणेश सिंह का करीबी मानगो निवासी राजा शर्मा, एक होटल कारोबारी और एक भाजपा नेता शामिल हैं.

विक्रम शर्मा की हत्या में शामिल शूटरों की गिरफ्तार नहीं

इधर, गणेश सिंह गिरोह के सदस्य भी सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं. विक्रम शर्मा की हत्या में शामिल शूटर विशाल सिंह, आशुतोष सिंह, आकाश प्रसाद, जितेंद्र साहू समेत अन्य गणेश सिंह के करीबी बताये जाते हैं. पुलिस अबतक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है. देहरादून पुलिस ने सभी पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है, बावजूद हत्या के छह माह बाद भी वे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. गणेश सिंह गिरोह के निशाने पर अखिलेश सिंह गिरोह के कन्हैया सिंह के अलावा उसके कुछ साथी हैं.

शहर में गिरोह का बदलता स्वरूप

शहर में गैंगस्टरों का गिरोह लगातार बदल रहा है. जानकारों की मानें तो पूर्व में अखिलेश सिंह गिरोह के खास शूटर रहे सुधीर दुबे ने गिरोह से बगावत कर ली है. आलम यह है कि अखिलेश गिरोह और सुधीर दुबे गिरोह में अदावत चल रही है. इसी का नतीजा है कि 2022 में भुइयांडीह नितिबाग कॉलोनी में दोनों गिरोह के बीच गैंगवार हुआ था. मामला यहीं तक नहीं थमा, सोशल मीडिया पर भी दोनों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ खूब पोस्ट किये गये. हालांकि, हाल के दिनों में दोनों गिरोह का सामना नहीं हुआ है. इधर, अखिलेश सिंह गिरोह द्वारा घाघीडीह जेल में अपने प्रतिद्वंदी परमजीत सिंह की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपराध जगत में कोलाहल मच गया. परमजीत सिंह की हत्या के बाद गिरोह बिखर गया.

गिरोह के सदस्य अपने-अपने कारोबार में जुट गये. इस बीच मानगो के अमरनाथ सिंह ने गिरोह के बचे हुए सदस्यों को साथ किया, लेकिन गणेश सिंह से अदावत के बाद उसकी हत्या बासुकीनाथ में कर दी गयी थी. वहीं, उसके खास सहयोगी रंजीत सरदार की टेल्को में दिनदहाड़े हत्या कर दी गयी. लेकिन उसका बदला गिरोह के अन्य सदस्य नहीं ले सके. जिसके कारण गणेश ने शहर में अपना वर्चस्व बढ़ाना शुरू किया. गणेश ने अखिलेश और अमरनाथ सिंह गिरोह से अगल हो चुके अपराधियों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया है.

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By Shyam narayan jha

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