जमशेदपुर के साकची में पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, परिजनों का अस्पताल में हंगामा

Jamshedpur News: जमशेदपुर के साकची स्थित नेफ्रो-यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर में पथरी के ऑपरेशन के बाद 50 वर्षीय पोरेस भगत की संदिग्ध मौत हो गई. परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया. सीतारामडेरा पुलिस मौके पर पहुंची और आईएमए की मौजूदगी में मामले पर बातचीत जारी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट

Jamshedpur News: झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर में साकची न्यू बाराद्वारी स्थित डॉ डीके मिश्रा के ‘नेफ्रो-यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर’ में पथरी का ऑपरेशन कराने आये एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. मृतक पोटका प्रखंड के आसनबनी (काला पत्थर, पथरी गांव) निवासी पोरेस भगत (50) है. घटना के बाद रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. सूचना मिलते ही सीतारामडेरा पुलिस मौके पर पहुंची. फिलहाल पुलिस और आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में वार्ता चल रही है.

परिजनों ने लगाया इलाज में कोताही का आरोप

मृतक के साले वीरेन भगत ने बताया कि पोरेस भगत को आयुष्मान भारत योजना के तहत किडनी स्टोन के ऑपरेशन के लिए गुरुवार (12 मार्च) को भर्ती कराया गया था. शुक्रवार दोपहर 12 से 2:30 बजे तक उनका ऑपरेशन चला. शनिवार दोपहर भोजन के बाद पोरेस का पेट फूलने लगा और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी. परिजनों ने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी और स्थिति बिगड़ते देख दूसरे अस्पताल रेफर करने की गुहार लगायी, लेकिन डॉक्टरों ने जल्द ठीक होने का आश्वासन देकर उन्हें वहीं रखा.

देर रात हुई मौत, शव ले जाने का बनाया दबाव

परिजनों का गंभीर आरोप है कि पोरेस भगत की मृत्यु शनिवार रात करीब 12 बजे ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मिलने नहीं दिया. रात 3 बजे मौत की आधिकारिक सूचना दी गयी और शव को तुरंत ले जाने का दबाव बनाया जाने लगा. सुबह होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया.

घर का इकलौता कमाऊ सदस्य थे पोरेस

पोरेस भगत आदित्यपुर की एक कंपनी में ठेका मजदूर थे. परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है. बेटा वर्तमान में धनबाद से माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है. घर के मुखिया की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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पुलिस की मौजूदगी में वार्ता जारी

हंगामे की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया. समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन, पुलिस प्रशासन और आईएमए के सदस्यों के बीच मामले को सुलझाने और उचित मुआवजे को लेकर बातचीत का दौर जारी है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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