jamshedpur news : साकची के ''''विश्वकर्मा प्वाइंट'''' में डोकरा कारीगरों को मिलेगा स्थायी स्थान
डीसी ने मुसाबनी के डोकरा कारीगरों से किया संवाद, दिया आश्वासन
By AKHILESH KUMAR | Updated at :
जमशेदपुर (फाइल फोटो)
डीसी ने मुसाबनी के डोकरा कारीगरों से किया संवाद, दिया आश्वासन
कहा-कारीगरों को छत्तीसगढ़ का कराया जायेगा एक्सपोजर विजिट
jamshedpur news :
झारखंड की प्राचीन जनजातीय धातु शिल्प कला ””डोकरा आर्ट”” को संरक्षित करने और कारीगरों की आय बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की. खासकर मुसाबनी प्रखंड के कुइलीसुता गांव के भ्रमण के दौरान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने डोकरा आर्ट से जुड़े स्थानीय कारीगरों से सीधा संवाद किया. इस दौरान उन्होंने कारीगरों की समस्याओं को सुना और उन्हें आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप हर संभव तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया. कारीगरों को सीधा मुनाफा दिलाने के लिए उपायुक्त ने जमशेदपुर के साकची स्थित ””विश्वकर्मा प्वाइंट”” में उन्हें स्थायी जगह आवंटित करने का निर्देश दिया. इससे कारीगर अपने उत्पादों की प्रत्यक्ष बिक्री कर सकेंगे और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी.
बाजार की मांग के अनुसार दी जायेगी ट्रेनिंग
उपायुक्त ने कहा कि डोकरा उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिया कि कारीगरों को बेहतर फिनिशिंग, आधुनिक डिजाइन और आकर्षक पैकेजिंग के लिए विशेष परामर्श और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने यह भी घोषणा की कि कारीगरों को नया तरीका सिखाने के लिए छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का ””एक्सपोजर विजिट”” कराया जायेगा. मालूम हो कि छत्तीसगढ़ में डोकरा आर्ट का बड़ा केंद्र है.
जीआइ टैग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जायेगा
डोकरा कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासन उन्हें सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और इ-मार्केटप्लेस से जोड़ने की तैयारी में है. उपायुक्त ने कहा कि डोकरा आर्ट को जीआइ टैग दिलाने की दिशा में भी प्रयास किये जायेंगे, जिससे इस कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके.
ये रहे उपस्थित
संवाद के दौरान मुसाबनी के अंचलाधिकारी पवन कुमार, जेएसएलपीएस के डीपीएम सुजीत बारी, जिला उद्यमी समन्वयक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कारीगर उपस्थित थे.