न्यूजीलैंड को एक और झटका, ट्राइथलॉन जीतकर फुल आयरनमैन बने जमशेदपुर के अनंत राणा

Jamshedpur News: झारखंड में जमशेदपुर के सोनारी निवासी अनंत राणा ने न्यूजीलैंड के ताउपो में आयोजित फुल आयरनमैन ट्राइथलॉन प्रतियोगिता में 11 घंटे 50 मिनट में तैराकी, साइकिलिंग और रनिंग पूरी कर इतिहास रच दिया. टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के इस खिलाड़ी की उपलब्धि से झारखंड में खेल प्रेमियों में खुशी और गर्व का माहौल है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

जमशेदपुर से निसार की रिपोर्ट

Jamshedpur News: जमशेदपुर के सोनारी निवासी अनंत राणा ने दुनिया की सबसे कठिन ट्राइथलॉन प्रतियोगिताओं में से एक ‘फुल आयरनमैन’ का खिताब हासिल कर इतिहास रच दिया है. टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन में कार्यरत 33 वर्षीय अनंत राणा ने न्यूजीलैंड के ताउपो शहर में 3 से 8 मार्च तक आयोजित ‘फुल आयरनमैन न्यूजीलैंड’ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया. इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ जैसी तीन बेहद कठिन प्रतियोगिताएं तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होती हैं. अनंत राणा ने इन तीनों इवेंट को कुल 11 घंटे 50 मिनट में पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की.

17 घंटे की समय सीमा से काफी पहले पूरा किया लक्ष्य

फुल आयरनमैन बनने के लिए प्रतियोगिता में कुल 17 घंटे का समय निर्धारित होता है. इस अवधि के भीतर तीनों इवेंट को पूरा करना अनिवार्य होता है. अनंत राणा ने इस चुनौतीपूर्ण कोर्स को निर्धारित समय से काफी पहले ही पूरा कर लिया. उन्होंने ताउपो की बेहद ठंडी झील में 3.8 किलोमीटर तैराकी केवल 1 घंटा 28 मिनट में पूरी की. इसके बाद उन्होंने 180 किलोमीटर साइकिलिंग का सफर 6 घंटे 19 मिनट में तय किया. अंत में 42 किलोमीटर की मैराथन दौड़ को 3 घंटे 46 मिनट में पूरा कर फुल आयरनमैन का खिताब अपने नाम कर लिया. इन तीनों इवेंट के बीच अनंत राणा ने थोड़े-थोड़े समय के लिए रिकवरी भी ली, जिससे वह पूरे जोश और ऊर्जा के साथ अगले चरण को पूरा कर सके.

कड़ी मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता

इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए अनंत राणा ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की. उन्होंने रोजाना पांच से छह घंटे तक नियमित अभ्यास किया. तैराकी की तैयारी उन्होंने जमशेदपुर के डिमना लेक और जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल में की. वहीं साइकिलिंग और रनिंग के लिए वे शहर के अलग-अलग लंबे रूट पर अभ्यास करते थे. इसके अलावा, शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने सप्ताह में एक दिन जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी की. लगातार अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस कठिन प्रतियोगिता में सफलता हासिल की.

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परिवार का मिला पूरा सहयोग

अनंत राणा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को भी दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी साक्षी ने इस दौरान परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई. दो छोटे बच्चों की देखभाल और घर की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अनंत को तैयारी के लिए पूरा समय और सहयोग दिया. इसी वजह से वह अपनी ट्रेनिंग पर पूरी तरह फोकस कर सके. अनंत राणा की इस उपलब्धि से जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को गर्व महसूस हो रहा है. उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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