Jamshedpur News : जमशेदपुर के स्कूलों में मॉक ड्रिल, बच्चों को सिखाये गये आपात स्थिति से निपटने के तरीके

Jamshedpur News : पहलगाम आतंकी हमले के बाद शहर के विभिन्न स्कूलों में युद्ध की आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल करायी गयी. बच्चों को संकट की घड़ी में संयम बनाए रखने और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया सिखायी गयी.

युद्ध के खतरे के मद्देनजर स्कूलों में सुरक्षा को लेकर मॉक अभ्यास, हजारों छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद शहर के विभिन्न स्कूलों में युद्ध की आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल करायी गयी. बच्चों को संकट की घड़ी में संयम बनाए रखने और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया सिखायी गयी. हर स्कूल में प्रशासन की निगरानी में ड्रिल करायी गयी. नीचे प्रत्येक स्कूल में हुई मॉक ड्रिल का विवरण दिया गया है :

1. सिदो-कान्हू ओड़िया विद्यालय, परसुडीह

सुबह करीब 9 बजे मॉक ड्रिल कराई गई जिसमें कक्षा 1 से 10 तक के लगभग 175 छात्र शामिल हुए. सभी को व्यवस्थित तरीके से निकासी की ट्रेनिंग दी गयी.

2. शिक्षा निकेतन, टेल्को

कक्षा 6 से 12 तक के 100 से अधिक बच्चों को मॉक ड्रिल में शामिल किया गया. प्राचार्या सुनीता डे के नेतृत्व में छात्रों को वीडियो दिखाकर आपात स्थिति में किए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गयी.

3. जुस्को स्कूल, कदमा

दो शिफ्टों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई. नर्सरी से 12वीं तक के सभी बच्चों को अभ्यास कराया गया. नर्सरी के बच्चों को कक्षा में ही निर्देश दिए गए जबकि अन्य को निकासी की ट्रेनिंग दी गयी. नेतृत्व प्राचार्या झुमझुमी नंदी ने किया.

4. उत्कल समाज विद्यालय, गोलमुरी

कक्षा 1 से 10 तक के 212 छात्रों को मॉक ड्रिल कराई गई. प्राचार्या आलोकानंदा मिश्रा की देखरेख में प्रशिक्षण हुआ और छात्रों को जागरूक किया गया.

5. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस

यहाँ 248 छात्रों ने मॉक ड्रिल में भाग लिया. सायरन, चेतावनी संकेत, ब्लैकआउट, राहत केंद्र, संचार नेटवर्क जैसे बिंदुओं पर अभ्यास किया गया. प्रमुख उपस्थिति में प्राचार्या रंजीता गांधी, हरेकृष्ण नायक और डॉ. अंजू कुमारी मौजूद रहीं.

6. हिलटॉप स्कूल, टेल्को

करीब तीन हजार बच्चों को मॉक ड्रिल में शामिल किया गया. प्राचार्या उमा के नेतृत्व में बच्चों को युद्ध जैसी आपात स्थिति में संयम और सुरक्षा उपाय सिखाए गए.

7. गुलमोहर स्कूल, टेल्को

नर्सरी से 12वीं तक के करीब तीन हजार बच्चों ने हिस्सा लिया. प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने बताया कि बच्चों को यह सिखाया गया कि डरने की बजाय साहस और अनुशासन के साथ नियमों का पालन करें.

8. एआइडब्ल्यूसी स्कूल, बारीडीह

करीब दो हजार से अधिक बच्चों को कक्षा में वीडियो दिखाकर प्रशिक्षित किया गया. प्राचार्या जसवीर कौर ने बताया कि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को आपातकालीन स्थितियों से अवगत कराया.

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