जमशेदपुर : कदमा के रामजनम नगर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) में शनिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्था की बारीकी से जांच हुई. राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत राज्य और राष्ट्रीय स्तर से नामित मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने केंद्र का मूल्यांकन किया. डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. एके घोष ने करीब 12 प्रमुख गुणवत्ता मानकों पर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया.
आधारभूत सुविधाओं से लेकर मरीज अधिकार तक की जांच
मूल्यांकन के दौरान टीम ने स्वास्थ्य केंद्र की आधारभूत संरचना, नैदानिक सेवाओं, दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की. संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था, मरीजों के अधिकार, प्रयोगशाला जांच और सामान्य प्रशासन से जुड़े मानकों को भी परखा गया. साथ ही स्वास्थ्य केंद्र की आउटरीच गतिविधियों, अभिलेखों के संधारण और बायो-मेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन की भी समीक्षा की गयी. टीम ने मौके पर व्यवस्थाओं को देखा और आवश्यक बिंदुओं पर सुझाव भी दिये.
गुणवत्ता सुधार की कार्य संस्कृति विकसित करना उद्देश्य
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल ने कहा - एनक्यूएएस मूल्यांकन का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संस्थानों की कमियों को चिह्नित करना नहीं, बल्कि उनमें लगातार गुणवत्ता सुधार की कार्य संस्कृति विकसित करना है. उन्होंने कहा - इसका लक्ष्य आम लोगों को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा ने कहा कि यूपीएचसी शहरी आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. स्वास्थ्य केंद्रों का निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन होने से मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है.
मूल्यांकन के सुझावों से और बेहतर होंगी सेवाएं
निरीक्षण के दौरान सिटी अर्बन हेल्थ मैनेजर सुमन कुमार मंडल, सिटी अकाउंट्स ऑफिसर दीपक कुमार, जिला गुणवत्ता सलाहकार मौसमी रानी सहित यूपीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे. जिला गुणवत्ता सलाहकार ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान टीम की ओर से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जायेगा. 12 मानकों पर हुई यह पड़ताल शहरी क्षेत्र के मरीजों को मिलने वाली प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
