बाढ़ में डूबा जाबिर पुल अब होगा दुरुस्त, बनेगा डीपीआर; टूटी सड़क-पुलियों की मरम्मत भी युद्धस्तर पर

मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जमशेदपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जाबिर पुल के डूबने के बाद अब इसके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो रही है. जिला प्रशासन ने क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की तत्काल मरम्मत का निर्देश दिया है.

जमशेदपुर : मूसलाधार बारिश और खरकई-सुवर्णरेखा के बढ़े जलस्तर ने जमशेदपुर में आवागमन से लेकर सड़कों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मानगो का जाबिर पुल डूबने से आवागमन प्रभावित होने के बाद अब जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. पुल के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है. जल्द ही प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जाएगी. साथ ही बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और संपर्क पथों की भी तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है.

बाढ़-बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा

उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को वरीय अधिकारियों, अभियंताओं और नगर निकायों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बाढ़-बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत और पुनर्स्थापन के काम में किसी तरह की लापरवाही या देरी नहीं होनी चाहिए.

जाबिर पुल की तकनीकी जांच के बाद डीपीआर तैयार

मानगो के जाबिर पुल के डूबने और आवागमन ठप होने की शिकायतों के बाद उपायुक्त के निर्देश पर अभियंताओं की टीम ने पुल का स्थल निरीक्षण किया था. तकनीकी जांच पूरी होने के बाद अब इसके पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गयी है. प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा. पुल के पुनर्निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही आवागमन की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है.

पानी उतरते ही सड़कों का होगा सर्वे, जरूरी रास्ते होंगे दुरुस्त

उपायुक्त ने सभी बीडीओ और कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और संपर्क पथों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करें. उन्होंने कहा - सबसे पहले उन रास्तों की मरम्मत की जाए, जहां सड़क या पुल क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों का आवागमन या मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो सकती है. पुल-पुलियों में फंसे मलबे को तत्काल हटाने और जलनिकासी को निर्बाध रखने का भी निर्देश दिया गया है.

जलजमाव खत्म होते ही फॉगिंग और ब्लीचिंग का छिड़काव

बारिश के बाद जलजमाव वाले इलाकों में मच्छरों और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी तैयारी तेज कर दी है. उपायुक्त ने प्रभावित बस्तियों में जलजमाव खत्म होते ही व्यापक स्तर पर फॉगिंग कराने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने का निर्देश दिया है. उद्देश्य मच्छरों के प्रकोप और संक्रमण की आशंका को कम करना है. बैठक में नेशनल हाईवे की स्थिति पर भी चर्चा हुई. उपायुक्त ने एनएच पर बने गड्ढों को तत्काल भरने का निर्देश दिया. साथ ही एनएचएआई को बारिश से क्षतिग्रस्त पथों का सुदृढ़ीकरण कराने को कहा गया. प्रशासन का फोकस उन सड़कों को जल्द सुरक्षित बनाने पर है, जिनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग रोजाना करते हैं.

बारिश में जिनके घर ढहे, उन्हें आवास योजना से जोड़ेंगे

प्राकृतिक आपदा में बेघर हुए परिवारों के लिए भी प्रशासन ने राहत की पहल की है. उपायुक्त ने बीडीओ को निर्देश दिया कि बारिश में जिन लोगों के मकान ढह गये हैं, उनकी सूची तैयार कर तत्काल प्रस्ताव भेजा जाए. पात्र परिवारों को सरकारी आवास योजना से जोड़कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने बाढ़-बारिश के बाद आवागमन बहाल करने, जलजमाव और बीमारियों का खतरा कम करने तथा बेघर परिवारों को राहत देने पर विशेष जोर दिया.

प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने पर

जाबिर पुल के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार होने के साथ अब लोगों की नजर प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने पर है. वहीं, क्षतिग्रस्त सड़क और पुल-पुलियों की तत्काल मरम्मत से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. बैठक में डीडीसी नागेंद्र पा सवान, एडीसी अनुराग तिवारी, जिला योजना पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता मौजूद थे.

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By Sanjeev bhardwaj

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