जमशेदपुर : एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच और संक्रमित लोगों तक उपचार व जरूरी सहयोग पहुंचाने के लिए जिले में जागरूकता अभियान और तेज किया जायेगा. शनिवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई जिला एड्स नियंत्रण एवं रोकथाम समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की गयी. इसमें बताया गया कि इस वर्ष अब तक जिले में 7,220 लोगों की एचआईवी जांच हो चुकी है. वहीं, 3,410 पीएलएचआईवी (एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोग) चिह्नित हैं. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जांच और नि:शुल्क उपचार की सुविधा जमीनी स्तर तक पहुंचाने के साथ संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान को भी गति दी जाये.
जांच से लेकर उपचार तक चार बिंदुओं पर होगा फोकस
समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में एचआईवी-एड्स की रोकथाम, नियमित जांच, उपचार, देखभाल और सामाजिक सहयोग से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने कहा कि एचआईवी नियंत्रण के लिए प्रिवेंशन, डिटेक्शन, ट्रीटमेंट तथा केयर एंड सपोर्ट चारों बिंदुओं पर एक साथ काम करना जरूरी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया जाये और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जाये.
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे जांच और नि:शुल्क इलाज
उपायुक्त ने जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा - एचआईवी संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाये कि जरूरतमंद व्यक्ति जांच और नि:शुल्क उपचार की सुविधा से वंचित न रहे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अलावा शिक्षा, समाज कल्याण और नगर निकायों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि जागरूकता गतिविधियों का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ाये जा सकें.
संक्रमित लोगों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी
बैठक में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के सामाजिक सहयोग और सम्मान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. उपायुक्त ने कहा कि एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति समाज में संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए. जागरूकता के जरिये बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों और भेदभाव को कम करने पर भी जोर दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी, जिला एड्स नियंत्रण समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा पीएलएचआईवी समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
