जमशेदपुर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर-2026) में किसी भी तरह की गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज या मतदाता सूची डेटाबेस में अनधिकृत छेड़छाड़ अब भारी पड़ सकती है. जिला प्रशासन ने ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलइ) को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्वाचन प्रक्रिया में जाली कागजात तैयार करने या ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर करने की कोशिश सामने आने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. शनिवार को समाहरणालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई समीक्षा बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी वीएलइ को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने का निर्देश दिया.
एक गलती भी बर्दाश्त नहीं, दस्तावेज सत्यापन में बरतें सावधानी
बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि एसआइआर-2026 के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि में पूरी पारदर्शिता और सावधानी जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भारतीय या विदेशी नागरिक के लिए जाली कागजात तैयार करने अथवा किसी भी प्रकार के अनधिकृत दस्तावेजीकरण में वीएलइ की संलिप्तता पायी गयी, तो संबंधित के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. उन्होंने कहा - निर्वाचन कार्य बेहद संवेदनशील जिम्मेदारी है. इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि निर्धारित नियमों और वैध प्रमाण पत्रों के आधार पर ही की जाये.
मतदाता सूची डेटाबेस में छेड़छाड़ पर भी सख्त निगरानी
उपायुक्त ने वीएलइ को निर्देश दिया कि ई-रोल यानी मतदाता सूची डेटाबेस में किसी भी स्तर पर अनधिकृत बदलाव या हेरफेर का प्रयास नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाये रखने के लिए सभी स्तर पर नियमों का पालन अनिवार्य है. समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने एक अहम निर्देश देते हुए कहा कि यदि पूर्व में किसी वीएलइ द्वारा किसी विदेशी नागरिक के लिए कोई अनधिकृत दस्तावेज तैयार किया गया हो, तो संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट रूप से सचेत किया जाये कि वह दस्तावेज एसआइआर-2026 में इस्तेमाल न करे. उन्होंने सभी वीएलइ से निर्वाचन कार्य की संवेदनशीलता को समझते हुए पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और सतर्कता के साथ काम करने को कहा. बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह भी मौजूद थीं. अधिकारियों ने एसआइआर-2026 की प्रक्रिया के दौरान नियमों के पालन और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
