अरका जैन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल सम्मेलन का समापन, 60 रिसर्च पेपर प्रस्तुत, मिला अवार्ड

60 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए स्थिरता प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की. प्रत्येक तकनीकी सत्र में सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुत करनेवाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया

जमशेदपुर :

अरका जैन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका विषय ‘वैश्विक परिदृश्य को नेविगेट करना : व्यवसाय और अर्थव्यवस्था में सतत रणनीतियों को अपनाना’ था. इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में टाटा स्टील के पूर्व सीएफओ रमेश चंद्र नंदराजोग थे. उन्होंने सतत विकास पर अपने विचार व्यक्त किए और अपने जीवन के अनुभवों को कुछ उदाहरणों के साथ साझा किया. उन्होंने जीवन में सफल व्यक्ति बनने के गुर बताये. साथ ही किसी व्यक्ति के जीवन में प्रासंगिक भाग्य और कड़ी मेहनत की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला. किंग सऊद विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ दुर्गा प्रसाद ने संयुक्त राष्ट्र के सभी एसडीजी लक्ष्यों और जीवन के चार वित्तीय लक्ष्यों के बारे में बताया. दक्षिण अफ्रीका के डरबन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रवींद्र रेना भी संगोष्ठी में शामिल हुए. उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था और व्यवसाय में स्थिरता कैसे प्रासंगिक है और यह पर्यावरण को कैसे प्रभावित कर सकती है. उद्घाटन सत्र के अंतिम वक्ता टाइम जमशेदपुर के निदेशक शुभम खन्ना ने स्थिरता और इसके भविष्य पर अपने विचार रखे.

इन्हें मिला सर्वश्रेष्ठ पेपर का पुरस्कारअगली कड़ी में, वित्त, विपणन, मानव संसाधन और सामान्य प्रबंधन ट्रैक पर चार तकनीकी सत्र हुए. इसमें 60 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए स्थिरता प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की. प्रत्येक तकनीकी सत्र में सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुत करनेवाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. अरका जैन विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर अंकिता सिंह, छात्रा सदफ फातमा, यश कुमार सिन्हा और स्नेहा कुमारी ने तकनीकी सत्र में सर्वश्रेष्ठ पेपर का पुरस्कार हासिल किया.

दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस की हुई शुरुआतशुक्रवार को अरका जैन यूनिवर्सिटी में मशीन, विनिर्माण, मॉडलिंग और प्रौद्योगिकी में हाल के रुझानों पर आधारित दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस (आरटीएमएमएमटी-2024) आरंभ हुआ. यह सम्मेलन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी की ओर से किया गया है. इसमें मुख्य अतिथि सीएस���ईआर-एनएमएल जमशेदपुर के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी ने सामग्री प्रौद्योगिकी, धातु काटने, जोड़ने और एडिटिव विनिर्माण, धातु निर्माण, मशीन टूल डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स में महत्वपूर्ण प्रगति पर चर्चा के लिए इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला.

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