जमशेदपुर : ट्रेनिंग के दौरान दायें पैर में फ्रैक्चर हुआ, लेकिन हौसला नहीं टूटा. जमशेदपुर के मानगो स्थित गौर बस्ती कृष्णानगर की रहने वाली 26 वर्षीय स्नेहा कुमारी ने चोट के बावजूद किर्गिस्तान में आयोजित 13वीं विश्व स्ट्रेंथलिफ्टिंग एवं इंक्लाइन बेंच प्रेस चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया. स्नेहा ने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीते. उन्होंने स्ट्रेंथलिफ्टिंग में 175 किलोग्राम और इंक्लाइन बेंच प्रेस में 60 किलोग्राम वजन उठाया.
स्ट्रेंथलिफ्टिंग और इंक्लाइन बेंच प्रेस में एक-एक स्वर्ण
8 से 11 सितंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में स्नेहा ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया. स्ट्रेंथलिफ्टिंग में उन्होंने 175 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया. वहीं इंक्लाइन बेंच प्रेस में 60 किलोग्राम वजन उठाकर एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया. 175 किलोग्राम वजन उठाने के प्रदर्शन के साथ वह स्ट्रेंथलिफ्टिंग में प्रतियोगिता की सबसे मजबूत महिला बनीं.
प्रतियोगिता में भारत के अलावा किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका समेत कई देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे.
चोट के बावजूद प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
स्नेहा के दायें पैर में ट्रेनिंग के दौरान कुछ दिन पहले ही फ्रैक्चर हुआ था. इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया. चोट की चुनौती के बीच उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा और दो स्वर्ण पदक हासिल किए.
पहले भी झारखंड का नाम कर चुकी हैं रोशन
स्नेहा इससे पहले भी अपने प्रदर्शन से जमशेदपुर और झारखंड का नाम ऊंचा कर चुकी हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह पहले भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं. इस बार भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से एक बार फिर शहर और राज्य का नाम रोशन किया.
पिता व्यवसायी, मां गृहिणी
स्नेहा के पिता कामेश्वर ठाकुर व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां चंचला देवी गृहिणी हैं. स्नेहा ने अपनी स्कूली शिक्षा गोविंद विद्यालय, तमुलिया से की है. वर्तमान में वह नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय से वित्त विषय में पीएचडी कर रही हैं.
