गालूडीह : लगातार बारिश से एंटी नक्सल ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हो रही है. पहाड़ों में नक्सली दुबक गये हैं, पर झारखंड-बंगला बॉर्डर पर पुलिस की घेराबंदी लगातार जारी है. कोबरा बटालियन के जवान बारिश के बीच तमाम विपरित परिस्थितियों में पहाड़ों को खंगालने में जुटी है. कई दिनों से लगातार चल रहे ऑपरेशन के बाद भी एक करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश पुलिस पकड़ से अब भी दूर है. पहाड़ों में उसका सुराग नहीं मिल रहा है. कई दिनों से पुलिस ने घेराबंदी कर रसद-पानी पर तो रोक लगा दिया है. पर नक्सली पहाड़ों से बाहर नहीं निकल रहे हैं.
सात साथियों संग डटा है नक्सली असीम
कोल्हान भर में लगातार नक्सलियों के सरेंडर, पकड़े जाने और मारे जाने जाने से संगठन अब पूरी तरह से कमजोर पड़ गया है. बावजूद एकलौता नक्सली नेता असीम मंडल अब भी अपने महज सात साथियों के साथ मोरचे पर डटे हैं. न सरेंडर कर रहे हैं ना ही पुलिस उसे ढूंढ निकाल पा रही है. पुलिस असीम मंडल को टारगेट कर ऑपरेशन शुरू किया है. पर अब तक पुलिस टारगेट फिक्स नहीं कर पायी है.
नक्सली लड़ने की स्थिति नहीं, सिर्फ अपनी जान बचा रहे हैं
नक्सली अब लड़ने की स्थिति में नहीं है. सिर्फ अपनी जान बचा रहे हैं. यही कारण है उसका ट्रेस नहीं मिल पा रहा है. दलमा से घाटशिला के बीच कई पहाड़ी श्रृंखला है. इसमें कहां छिपा है असीम मंडल उसका सुराग नहीं मिल रहा है. हालांकि पुलिस का दावा है कि वह इस पहाड़ से निकल नहीं पाया है. क्योंकि बंगाल और झारखंड पुलिस लगातार घेराबंदी कर रखी है. असीम मंडल के साथ सचिन, मीता, अतुल आदि नक्सलियों का कोई सुराग नहीं तक नहीं मिला है. पूर्व में सरेंडर कर चुके राहुल उर्फ रंजीत पाल को साथ लेकर भी पुलिस उसे ढूंढ रही है. पर अब तक सफलता नहीं मिल पायी है. दुसरी ओर हाल में दलमा से पकड़े गये सागर, मदन और मीना की निशान देही पर पुलिस हथियार तो बरामद करने में सफल रही. पर अब तक असीम मंडल तक पहुंच नहीं पायी है.
