जमशेदपुर: कभी भी गिर सकती है छत... जर्जर भवन में पढ़ रहे 35 बच्चे, शिकायतों के बाद भी विभाग बेपरवाह

गुड़ाबांदा के तारासपुर प्राथमिक विद्यालय की छत जर्जर है और पानी टपक रहा है। बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं, प्रशासन अब तक बेखबर है।

गुड़ाबांदा: जमशेदपुर के गुड़ाबांदा प्रखंड के प्रावि तारासपुर भवन के कुछ कमरे जर्जर हो गये हैं. विद्यालय परिसर में दो भवन का निर्माण हुआ है, वर्तमान में एक भवन के बरामदा में विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं तथा दूसरे भवन में दो कमरा है. जहां एक कक्षा दो क्लास के बच्चे पढ़ते है. स्कूल में कुल 35 बच्चे नामांकित है. जहां एक से पांच तक पढ़ाई होती है, जबकि जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. भवन के कुछ कमरों की छत का प्लास्टर झड़ कर गिर रहा है.

कई साल से मरम्मत नहीं हुई है. स्कूल के शिक्षकों ने बताया कई बार विभाग से भवन की मरम्मत की मांग की गयी. लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई. स्कूल में कुल 4 कमरे हैं. इनमें से 2 जर्जर है. दो कमरों का उपयोग हो पा रहा है. इससे विद्यार्थियों से बैठने में परेशानी होती है. साथ ही स्कूल स्टॉफ को भी भवन जर्जर होने से असुविधा हो रही है. इसके अलावा जर्जर भवन के गिरने का खतरा बना रहता है.

स्कूल के प्राचार्य ने बताया इस संबंध में विभाग को कई बार अवगत करा चुके हैं. लेकिन अब तक भवन की मरम्मत नहीं की गयी. स्कूल भवन के दो कमरों के छत, दीवारें जर्जर हो चुके है. बारिश में दो कमरों की छत झड़कर गिर रहा है. बावजूद विभाग दुरुस्त नहीं कर रहा. इससे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को खतरा बना रहता है.

विद्यार्थियों ने बताया कि बारिश में स्कूल की छत से पानी टपकता है. इससे सभी कमरे गिले हो जाते हैं. बारिश में विद्यार्थियों को बैठने के लिए सूखा स्थान तक नहीं बचता. स्कूल भवन छत की मरम्मत के लिए प्रबंधन ने कई बार विभाग से मांग की है. पर ध्यान नहीं दिया गया. स्कूल परिसर में बने शौचालयों ओर किचन की स्थिति भी जर्जर है.


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लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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