घाटशिला: प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को सुबह से शाम तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा. लगातार हो रही बारिश के कारण अगस्त में अब तक औसत से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है. बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती और नदी के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है.
एक ओर जहां बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर सुवर्णरेखा नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बन गया है.
खेतों में भरा पानी, धान रोपाई में आयी तेजी
लगातार बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है. इससे धान की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गयी हैं.
जो किसान अब तक धान की रोपाई नहीं कर पाए थे, वे तेजी से खेतों में रोपाई कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश का साथ मिलने से धान की खेती को गति मिली है. लगातार बारिश के कारण खेतों में नमी भी बनी हुई है.
बढ़ा सुवर्णरेखा का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गालूडीह बराज डैम के चार गेट खोलने पड़े हैं. इसके बाद नदी की पूर्व दिशा में जलस्तर में और वृद्धि दर्ज की गयी है. गालूडीह बराज में कुल 18 गेट हैं, जिनमें फिलहाल 14 गेट बंद रखे गये हैं. इसके बावजूद बराज डैम में 93 मीटर आरएल पानी सुरक्षित रूप से संग्रहित है.
बराज से दायीं नहर के माध्यम से 70 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो ओडिशा की ओर बह रहा है.
मछुआरों को नदी में नहीं उतरने की सलाह
सुवर्णरेखा नदी के उफान पर होने के कारण लोगों से नदी से दूर रहने की अपील की गयी है. खासकर मछुआरों को नदी में नहीं उतरने और सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. नदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है.
रोजी-रोटी की चिंता में मछुआरे
गालूडीह बराज डैम के पास स्थित दिगड़ी गांव के अधिकांश मछुआरों की आजीविका मछली पकड़ने पर निर्भर है. ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
