जमशेदपुर: देश की राजनीति में अरविंद केजरीवाल एक जाना-पहचाना नाम हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री से लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तक का उनका राजनीतिक सफर काफी चर्चित रहा है. लेकिन राजनीति में आने से बहुत पहले उनका रिश्ता जमशेदपुर से जुड़ा था. कम ही लोग जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत देश की दिग्गज औद्योगिक कंपनी टाटा स्टील से की थी.
आईआईटी खड़गपुर से की मैकेनिकल इंजीनियरिंग
अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी के लिए टाटा स्टील का रुख किया. साल 1989 में वह टाटा स्टील से जुड़े और उनकी पोस्टिंग जमशेदपुर में हुई.
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ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में शुरू किया करियर
जमशेदपुर में केजरीवाल ने ग्रेजुएट ट्रेनी के तौर पर काम किया. उस समय वह राजनीति से काफी दूर थे और एक युवा इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे. रिपोर्टों के मुताबिक, जमशेदपुर में रहने के दौरान उनका ठिकाना टाटा स्टील के ग्रेजुएट ट्रेनी हॉस्टल से भी जुड़ा रहा.
टाटा स्टील में काम करने के दौरान उन्हें देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में से एक जमशेदपुर को करीब से समझने का मौका मिला. यही वह दौर था, जब उनकी जिंदगी का एक हिस्सा स्टील सिटी से जुड़ा.
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करीब तीन साल बाद छोड़ दी Tata Steel की नौकरी
केजरीवाल ने टाटा स्टील में करीब तीन साल काम करने के बाद 1992 में इस्तीफा दे दिया. इसके पीछे उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज की तैयारी करना था. इसके बाद उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा यानी आईआरएस की परीक्षा पास की और इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी बने.
आगे चलकर उनका जीवन सामाजिक आंदोलनों से जुड़ा. भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए और फिर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. 2012 में उन्होंने आम आदमी पार्टी बनाई और इसके बाद दिल्ली की राजनीति में उनकी बड़ी भूमिका बनी.
जमशेदपुर से दिल्ली तक का सफर
आज अरविंद केजरीवाल को एक राजनेता के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनके करियर की शुरुआती कहानी में जमशेदपुर का नाम भी जुड़ा है. आईआईटी से निकला एक युवा इंजीनियर, टाटा स्टील का ग्रेजुएट ट्रेनी और फिर आईआरएस अधिकारी इसके बाद वही शख्स देश की राजनीति के बड़े चेहरों में शामिल हुआ.
