Jamshedpur news. झारखंड के आजमीन-ए-हज की उड़ान 16 मई से, बच्चों की यात्रा और पति-पत्नी के एक कमरे में रहने पर लगा प्रतिबंध

धातकीडीह मदरसा फैजुल उलूम कमेटी ने तय किये हज के ट्रेनिंग कैंप, 13 को कीताडीह में होगा आयोजित

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हज यात्रा 2025 पर जानेवाले झारखंड समेत पूर्वी भारत के आजमीन-ए-हज की उड़ान 16 मई से शुरू होगी. झारखंड के आजमीन-ए-हज की उड़ान कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से होगी. जमशेदपुर-रांची समेत राज्य के अन्य जिलों के आजमीन-ए-हज की उड़ान किस तिथि को होगी, यह अभी नहीं हो पाया है. स्पाइस जेट झारखंड के यात्रियों को 16 मई से 29 मई तक यानी 14 दिन लगातार कोलकाता से सीधे जेद्दा लेकर जायेगा, जहां से सड़क मार्ग से यात्री मक्का-मदीना का सफर पूरा करेंगे. 44 दिन की यात्रा के दौरन हज करने के बाद हाजियों की वापसी 29 जून से आरंभ होगी. वापसी के क्रम में हाजी मदीना से उड़ान भरेंगे और कोलकाता हवाई अड्डे पर ही उतरेंगे. हज के मुख्य अनुष्ठान तीन जून से आठ जून तक किए जायेंगे. यह तीर्थयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जहां लाखों मुसलमान अनुष्ठान करने के लिए मक्का में इकट्ठा होते हैं. हज पूरा करने के बाद तीर्थयात्री अपनी वापसी यात्रा शुरू करेंगे.

धातकीडीह मदरसा फैजुल उलूम के मास्टर ट्रेनर हाजी मोहम्मद युसूफ ने बताया कि सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने बयान में कहा कि हज करने के इच्छुक लोगों को केवल तभी ऐसा करने की अनुमति दी जायेगी, जब वे संबंधित सऊदी प्लेटफार्मों के माध्यम से बुकिंग करेंगे जो अधिकृत हज वीजा प्रदान करते हैं. मंत्रालय ने उन लोगों को चेतावनी दी जो हज में भाग लेना चाहते हैं, लेकिन उसके लिए अवैध तरीकों का सहारा लेने की योजना बना रहे हैं. मंत्रालय ने कहा कि ऐसे लोग तीर्थयात्रा के लिए बुकिंग के लिए अनौपचारिक चैनलों का उपयोग न करें.हज में बच्चों की एंट्री बंद, बुजुर्गों की उम्र 65 साल तय

सऊदी अरब ने हज यात्रियों के लिए नियमों में कई बड़े बदलाव किये हैं. ये बदलाव इसी साल से लागू हो रहे हैं. मसलन अब हज पर जाने वाले यात्री अपने साथ बच्चों को नहीं ले जा पायेंगे. यात्रा को लेकर कई और नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहली बार यात्रा करने वाले लोगों को पहले यात्रा कर चुके हज यात्रियों की तुलना में कुछ वरीयता दी गयी है. बताया जा रहा है कि नियमों में किये गये ये बदलाव भीड़ को कम करने के लिए किये जा रहे हैं.पति-पत्नी नहीं रह पायेंगे एक कमरे में

हज के दौरान विवाहित जोड़े को अब एक ही कमरे में रहने की अनुमति नहीं है. यह नया नियम हज 2025 से लागू होगा. पुरुष और महिला तीर्थ यात्रियों को अलग-अलग कमरों में रखा जायेगा और पुरुषों को महिला तीर्थ यात्रियों के कमरे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. भले ही पति और पत्नी कमरा शेयर नहीं करेंगे, लेकिन आसानी के लिए उनके कमरे पास-पास होंगे. महिला तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा और प्राइवेसी बढ़ाने के उद्देश्य से यह किया गया है.बच्चे नहीं होंगे यात्रा में शामिल, नये यात्रियों को वरीयतातीर्थ यात्रियों के साथ बच्चे हज यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे. नये यात्रियों को उन लोगों की तुलना में प्राथमिकता दी जायेगी, जिन्होंने पहले हज कर लिया है. तीर्थ स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जायेगा. शिविरों, रास्तों और रहने की व्यवस्थाओं को अधिक आरामदायक और सुगम बनाया जायेगा. तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सख्त मानक अपनाए जायेंगे. 70 साल की जगह अब 65 साल की उम्र के यात्री ही जा पायेंगे.

मदरसा फैजुल उलूम ने तय किये तरबियती कैंप

धातकीडीह स्थित मदरसा फैजुल उलूम हज कमेटी ने हज के संबंध में जानकारी देने के लिए अलग-अलग मदरसा-मस्जिदों में प्रशिक्षण कैंप तय कर दिये हैं. मास्टर ट्रेनर हाजी मोहम्मद युसूफ ने बताया कि 13 अप्रैल को सुबह नौ से साढ़े 12 बजे तक कीताडीह स्थित मदरसा गौसिया नूरिया (पुरुष-महिला), 15 को मस्जिद ए हाजरा नूर कपाली (सिर्फ पुरुष), 17 को झारखंड हज कमेटी का कैंप धातकीडीह स्थित मक्का मस्जिद, 20 को गोलमुरी, 22 को बिष्टुपुर और 27 को बारी मस्जिद मानगो में कैंप का आयोजन किया गया है.

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