वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
जिले में चल रही विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. शनिवार को डीसी कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने सभी विभाग को तय समय पर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने की चेतावनी दी है. बैठक में उप-विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, निदेशक एनइपी, उप-नगर आयुक्त (जेएनएसी), जिला योजना पदाधिकारी सहित एनआरइपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे. जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों, पेयजल सुविधाओं के विस्तार, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की जानकारी ली. भूमि विवाद या अन्य प्रशासनिक कारणों से रुकी हुई योजनाओं पर उन्होंने कहा कि इन दिक्कतों को जल्द दूर कर कार्य में तेजी लायें. खनन प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों तक विकास कार्यों का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचना अनिवार्य है.
विकास कार्यों में देरी पर लापरवाह अफसरों और संवेदकों पर गिरेगी गाज
डीसी राजीव रंजन ने बैठक में मौजूद सभी कार्यपालक अभियंताओं, एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस कारण के योजनाओं में देरी या लापरवाही पाये जाने पर संबंधित ठेकेदारों (संवेदकों) और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. डीसी ने अधिकारियों को फाइलों से बाहर निकलकर नियमित स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिया.
शिक्षा और पोषण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
नीति आयोग के सहयोग से जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति भी जांची गयी. इसमें मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, जनजातीय क्षेत्रों में लाइब्रेरी-सह-रिसोर्स सेंटर की स्थापना तथा सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गयी. डीसी ने कहा कि शिक्षा एवं पोषण से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाये.
सांसद-विधायक निधि योजनाओं की समीक्षा
सांसद (एमपी) और विधायक (एमएलए) निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर उपलब्ध कराया जाये. साथ ही लंबित योजनाओं को भी तेजी से पूरा किया जाये, ताकि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर स्वीकृत कार्यों का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंच सके.
