हाता : सावन की सोमवारी पर सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालयों की ओर श्रद्धालुओं के कदम बढ़ने लगे. हाथों में जल, दूध और बेलपत्र लिए भक्तों की कतारें, चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे... बांग्ला सावन के अंतिम सोमवार और हिंदी सावन की तीसरी सोमवारी पर पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा नजर आया.
सुबह से ही शिवालयों में उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
बांग्ला सावन के अंतिम सोमवार एवं हिंदी सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्त मंदिरों में पहुंचने लगे. श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला दिनभर जारी रहा. मुक्तेश्वरधाम हरिणा, हाता, हल्दीपोखर, कोवाली, कालिकापुर, पोटका, तिरिंग, रसुनचोपा, शंकरदा समेत विभिन्न क्षेत्रों के शिवालयों में भक्तों ने भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन किया. श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और फल अर्पित कर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की.
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा मंदिर परिसर
सोमवारी को लेकर शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया. पूजा के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजते रहे. श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव की आराधना में जुटे रहे. महिलाओं की भी मंदिरों में अच्छी-खासी भीड़ रही. महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भी भगवान भोलेनाथ की आराधना की.
भक्तों की सुविधा के लिए समितियों ने संभाली व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विभिन्न मंदिर पूजा समितियों और स्थानीय युवाओं की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी. मंदिर परिसर में भक्तों के लिए पूजा-पाठ और दर्शन को सुगम बनाने के साथ कई स्थानों पर प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई. वहीं, भीड़ को देखते हुए मंदिरों के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया. स्वयंसेवकों और स्थानीय युवाओं ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने तथा भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग किया.
