Jamshedpur News : डेंगू : छोटा गोविंदपुर बना हॉट स्पॉट, लापरवाही छोड़ें, सतर्क रहें

Jamshedpur News : बरसात के मौसम में डेंगू ने जिले में दस्तक दे दी है. हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित छोटा गोविंदपुर है, जहां लगातार मरीज मिल रहे हैं.

जिले में अब तक 209 संदिग्ध मरीजों की जांच, 30 में डेंगू की पुष्टि, इनमें छोटा गोविंदपुर के हैं 18

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बरसात के मौसम में डेंगू ने जिले में दस्तक दे दी है. हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित छोटा गोविंदपुर है, जहां लगातार मरीज मिल रहे हैं. जिले में अब तक डेंगू के 209 संदिग्ध मरीजों की जांच हो चुकी है, जिनमें 30 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले हैं. इनमें सबसे ज्यादा 18 मरीज छोटा गोविंदपुर के हैं. वहीं, डेंगू से छोटा गोविंदपुर की दो महिला की मौत हो चुकी है. इनमें एक तीन तल्ला और दूसरी सेरेंगबेड़ा बस्ती की रहनेवाली थी. हालांकि, जिला सर्विलांस विभाग ने छोटा गोविंदपुर में डेंगू से एक महिला की मौत की पुष्टि की है, क्योंकि सेरेंगबेड़ा बस्ती की रहनेवाली महिला को टाटा मोटर्स अस्पताल में इलाज के बाद रिम्स रांची रेफर कर दिया गया था. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद भी लोग सतर्कता नहीं बरत रहे हैं.

12,568 घरों में मिले डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लार्वा

डेंगू के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है. जिले के अब तक 3,11,630 घरों में सर्च अभियान चलाया गया है. इनमें से 12,568 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लार्वा मिले, जिन्हें तुरंत नष्ट किया गया. एंटी लार्वा का छिड़काव कर लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है.

डेंगू की रिपोर्ट नहीं देने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने जिले में चल रहे सभी सरकारी व निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों को पत्र लिखकर डेंगू के संदिग्ध मरीजों की सही जानकारी देने के लिए कहा है. इसके बाद भी अगर रिपोर्ट नहीं दी जाती है, तो कार्रवाई की जायेगी. सिविल सर्जन के अनुसार, जिला सर्विलांस विभाग को जिले के कई निजी अस्पताल और जांच केंद्र सही रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं. ऐसे में जिले में डेंगू के मामलों की सही-सही जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पा रही है.

डीसी ने दिया जन जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने डेंगू को लेकर जन-जागरुकता चलाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है. उन्होंने नुक्कड़-नाटक, पोस्टर और अन्य माध्यमों से लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बताने के लिए कहा है, ताकि लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके.

बचाव ही है सबसे बड़ा हथियार : सीएस

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल का कहना है कि बरसात के दिनों में डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें.

– घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें- कूलर, गमले और छत पर रखे बर्तनों का पानी नियमित बदलें- बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द और लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

कहां-कितने मिले डेंगू के मरीज

स्थान— डेंगू के मरीज

छोटागोविंदपुर- 18

टेल्को- 04

मानगो- 03

बागबेड़ा- 01

बिरसानगर-01

कदमा-01

परसुडीह-01

पोटका-01

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Author: RAJESH SINGH

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