जमशेदपुर
जिले में मलेरिया के साथ ही डेंगू ने भी दस्तक दे दी है. इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है. इस वर्ष डेंगू का पहला मामला एमजीएम अस्पताल में सामने आया है. साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल परिसर के जीएनएम स्कूल की छात्रा की कार्ड जांच में डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आयी है. उसका इलाज एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में चल रहा है.
जानकारी के अनुसार, छात्रा को पिछले दो दिनों से बुखार और बदन दर्द की शिकायत थी. वह दवा ले रही थी, लेकिन रविवार रात बुखार तेज होने और अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर उसकी सहेलियां उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले गयीं. वहां जांच के दौरान उसकी कार्ड टेस्ट रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आयी. हालांकि, सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू की पुष्टि के लिए छात्रा के रक्त का नमूना एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. अंतिम पुष्टि एलाइजा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी. उन्होंने कहा कि कई मामलों में कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आने के बावजूद एलाइजा जांच में रिपोर्ट निगेटिव भी मिलती है.
120 छात्राएं रहती हैं स्कूल के हॉस्टल में
बदलते मौसम और जगह-जगह जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. जीएनएम स्कूल के पास एमजीएम की नयी बिल्डिंग बन रही है. निर्माण स्थल के पास लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रजनन हो रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया फैलने की आशंका बढ़ गयी है. गौरतलब है कि जीएनएम स्कूल के छात्रावास में करीब 120 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं. डेंगू के मामले सामने आने के बाद छात्राओं और उनके परिजनों के बीच भय का माहौल है. उन लोगों ने निर्माण स्थल पर जमा पानी की निकासी और नियमित फॉगिंग कराने की मांग की है.
सिविल सर्जन ने क्या कहा
मलेरिया और डेंगू दोनों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. सदर अस्पताल, एमजीएम सहित सभी पीएचसी में विशेष डेंगू वार्ड तैयार करने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही घर-घर जांच अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को मच्छरदानी लगाने, घरों व आसपास साफ सफाई रखने, घर में रखे कूलर सहित अन्य जगहों पर पानी जमा नहीं होने के लिए जागरूक किया जा रहा है. इसके लिए जागरूकता रथ निकाला गया है जो डेंगू और मलेरिया से बचाव की जानकारी दे रहा है. -डॉ साहिर पाल, सिविल सर्जन
क्या है डेंगू
डेंगू संक्रामक वायरल बीमारी है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलती है. एडीज मादा मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में अंडे देती है. अंडों से पहले लार्वा, फिर प्यूपा और अंततः वयस्क मच्छर बनता है. लार्वा और प्यूपा की अवस्थाएं पानी में ही रहती हैं, जबकि विकसित मच्छर पानी से बाहर निकलकर उड़ने लगते हैं. अंडे से वयस्क मच्छर बनने में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है. यह मच्छर मुख्य रूप से बरसात के मौसम में अधिक सक्रिय रहता है और साफ पानी के जमा होने वाले स्थानों पर पनपता है. इसलिए घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए.
- डेंगू के लक्षण
- तीव्र बुखार
- जोड़ो में दर्द
- बदन दर्द
- चिड़चिड़ापन
- सिर दर्द
- अधिक कमजोरी लगना
- भूख कम लगना
- उल्टी दस्त की शिकायत
- गले में हल्का दर्द होना
- ब्लड प्रेशर कम होना
- पेट खराब होना
बचाव के उपाय
- हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें
- घर के पास पानी जमा नहीं होने
- घर में रखा गया कूलर, गमला का पानी हटा दे
