Jamshedpur news.
पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा. मांग पत्र सौंपकर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में भाषा, साहित्य, संगीत, नाटक एवं ललित कला अकादमी की स्थापना करने की मांग की. सौंपें गये मांग पत्र में कहा गया कि झारखंड का गठन 2000 में हुआ, लेकिन अब तक भाषा और कला संरक्षण के लिए कोई आधिकारिक संस्थान नहीं बना. इससे संताली, हो, मुंडारी, कुड़ुख, खड़िया, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुरमाली जैसी भाषाएं संकट में हैं. अन्य राज्यों में अकादमियों के माध्यम से भाषा व संस्कृति को बढ़ावा दिया गया है, जबकि झारखंड में इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई. प्रतिनिधिमंडल में बोध सोसाइटी साकची के सुनील विमल, झारखंडी भाषा संघर्ष मंच के गौतम कुमार बोस, झारखंड जनाधिकार महासभा के दीपक रंजीत, झारखंड लोक कला साहित्य संगीत अकादमी के अनिमा बोस, हराधन प्रामानिक, शहीद स्मारक समिति के पुरुषोत्तम विश्वनाथ, झारखंड कौमी एकता मंच के नासिर खान, मुक्त मंच के देवाशीष मुखर्जी, एनवाइसीटी के प्रणब नाहा आदि शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
