Dalma Cottage: AC कमरों से कैफेटेरिया तक, बजट में पाएं लग्जरी फील

अगर आप दलमा घूमने जा रहे हैं, तो माकुलाकोचा में 15 नए इको-कॉटेज खुल गए हैं. ये कॉटेज जंगल के बीच प्रकृति का अनुभव कराते हुए लग्जरी सुविधाएँ प्रदान करते हैं.

अगर आप दलमा घूमने का प्लान बना रहे हैं, परिवार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहते है और सोच रहे हैं कि जंगल के बीच आराम से कहां रुकें, तो आपके लिए अच्छी खबर है. दलमा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के माकुलाकोचा में 15 नए Eco-Cottage तैयार हो गए हैं. इनका रविवार को उद्घाटन भी कर दिया गया.

इन कॉटेज के शुरू होने से अब दलमा आने वाले टूरिस्ट को जंगल और हरियाली के बीच रुकने के लिए पहले से बेहतर सुविधा मिलेगी.

AC कमरे से लेकर पार्किंग तक की सुविधा

माकुलाकोचा में तैयार किए गए इन नए कॉटेज में टूरिस्ट की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है. यहां AC कमरे, कैफेटेरिया, लॉन और पार्किंग जैसी सुविधाएं हैं.

इसके अलावा परिसर में फाउंटेन भी लगाए गए हैं. खाने-पीने की सुविधा भी उपलब्ध है. यानी घूमने के बाद आराम करने और फ़ूड के लिए टूरिस्ट को बेहतर सुविधा एक ही जगह मिल सकेगी.

रात में जंगल का नजारा भी देखने को मिलेगा

इन कॉटेज की सबसे खास बात इनकी लोकेशन है. ये प्राकृतिक माहौल के बीच बनाए गए हैं. रात के समय यहां का नजारा भी टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा.

यानी अब दलमा आने वाले लोग सिर्फ दिन में घूमकर वापस जाने के बजाय जंगल के बीच रुककर यहां की खूबसूरती का मजा ले सकते हैं.

एक रात का किराया कितना है

माकुलाकोचा में पहले से उपलब्ध कॉटेज का किराया 3000 रुपये प्रति रात है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि नए कॉटेज का किराया भी लगभग इसी के आसपास हो सकता है. दलमा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी की ऑफिशियल वेबसाइट पर फिलहाल माकुलाकोचा AC कॉटेज का रेट 3000 रुपये प्रति रात लिस्टेड है.


रूम की तस्वीर (Photo Credit: Dalma Wildlife / Official Website)

ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, एक AC कॉटेज में 2 एडल्ट और 1 बच्चे के ठहरने की सुविधा है. इन कॉटेज में एसी, टीवी और किंग साइज बेड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.

खाने का पैसा अलग देना होगा

कॉटेज का चार्ज सिर्फ स्टे के लिए है. फूड इसमें शामिल नहीं है. ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक माकुलाकोचा में कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है, जहां खाने-पीने के लिए अलग से पेमेंट करना होगा.

पिंडरबेरा में भी बन रहे हैं 15 और कॉटेज

माकुलाकोचा के बाद पिंडरबेरा में भी 15 और नए गेस्ट हाउस बनाए जा रहे हैं. इनका कंस्ट्रक्शन का काम अभी अंतिम चरण में बताया गया है. दोनों जगहों के कॉटेज शुरू होने के बाद दलमा में टूरिस्ट के रुकने की कैपेसिटी बढ़ जाएगी. इससे यहां आने वाले लोगों को स्टे के लिए ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे.

टूरिज्म बढ़ेगा और लोकल लोगों को भी फायदा मिलेगा

नए कॉटेज शुरू होने से दलमा में टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. टूरिस्ट की संख्या बढ़ने पर आसपास के लोकल लोगों के लिए भी रोजगार के नए मौके बन सकते हैं. होटल, फूड, सफाई, देखभाल और टूरिज्म से जुड़ी दूसरी सर्विस में लोकल लोगों को काम मिलने की संभावना बढ़ेगी.

वाइल्डलाइफ और एनवायरनमेंट का भी रखा गया ध्यान

इन कॉटेज को दलमा के तय टूरिज्म एरिया में बनाया गया है. इनकी संख्या भी जंगल की कैपेसिटी और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन को ध्यान में रखकर तय की गई है.

इसका मकसद टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ जंगल और वाइल्डलाइफ को भी सुरक्षित रखना है. यानी अब दलमा में घूमने के साथ जंगल के बीच रुकने का भी बेहतर ऑप्शन मिल गया है. 15 नए Eco-Cottage शुरू होने से टूरिस्ट को कम्फर्ट और नेचर दोनों का एक्सपीरियंस एक साथ मिलेगा.


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लेखक के बारे में

By भूमि शर्मा

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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