ट्राइबल कल्चरल सेंटर सोनारी में नाटक ””पोस्टर”” ने दिया संदेश
jamshedpur.
झारखंड सांस्कृतिक मंच की ओर से गुरुवार को ट्राइबल कल्चरल सेंटर(टीसीएस) सोनारी में डॉ शंकर शेष के नाटक पोस्टर का मंचन किया गया. जिसे 20 दिवसीय कार्यशाला में तैयार किया गया था. इसकी कहानी एक गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है. जहां पूंजीपति मील मालिक का आतंक है. मील मालिक और भ्रष्ट प्रशासन मिलकर सीधे-सादे गरीब मजदूरों का शोषण करता है. गांव की दीवारों पर एक पोस्टर लगाया जाता है, जो सत्ता की क्रूरता का प्रदर्शन करता है. जो आम जनता के मन में ””””व्यवस्था का डर”””” पैदा करने का जरिया बनता है. पोस्टर के खौफ के कारण मजदूर चुपचाप अत्याचार सहने और गुलामी करने पर मजबूर हैं. कहानी में मोड़ तब आता है जब गांव के कुछ जागरूक युवा इस दमनकारी नीति के खिलाफ खड़े होते हैं. वे समझ जाते हैं कि जब तक मन से पोस्टर (डर) का खौफ खत्म नहीं होगा, शोषण बंद नहीं होगा. धीरे-धीरे शोषित मजदूर एकजुट होने लगते हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं. मील मालिक और पुलिस मिलकर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के जरिये आंदोलन को कुचलना चाहते हैं. लेकिन मजदूरों का हौसला नहीं टूटता है. नाटक के अंत में जनता का गुस्सा फूट पड़ता है. उग्र भीड़ उस दमनकारी ””””पोस्टर”””” को फाड़कर फेंक देती है. जो उनके मन से भय की मुक्ति को दर्शाता है. पोस्टर का फटना समाज में एक नयी चेतना और क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बनता है. यह नाटक संदेश देता है कि जनता की एकजुट ताकत के आगे कोई भी क्रूर सत्ता टिक नहीं सकती. कलाकारों ने अपने-अपने किरदार के साथ न्याय किया. इसका निर्देशन शिवलाल सागर ने किया. इसके संयोजक गौतम गोप थे. मौके पर मुख्य अतिथि समाजसेवी कुणाल षाड़ंगी, विशिष्ट अतिथि जिरेन जेवियर टोपनो व अन्य मौजूद रहे.
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