शहर को नंबर वन बनाने के लिए स्वच्छता का ‘मास्टर प्लान’ तैयार, नगर निकायों की समीक्षा बैठक में डीसी ने दिये निर्देश
– लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी, फील्ड में उतरकर निरीक्षण करेंगे विशेष पदाधिकारी– जलसंकट दूर करने के लिए दो दिनों में सार्वजनिक जगहों पर रखे जायेंगे घड़े
-एक सप्ताह में चालू होंगे वाटर एटीएमवरीय संवाददाता, जमशेदपुर
शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के शीर्ष पायदान पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है. डीसी राजीव रंजन ने बुधवार को नगर निकायों की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि अब शहर के व्यस्ततम मार्केट एरिया और प्रमुख सड़कों की सफाई का समय बदल दिया गया है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन क्षेत्रों में रात में अथवा सुबह 5 बजे से पहले सफाई कार्य पूर्ण करना है. कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जायेगी. डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में जेएनएसी सह मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार, जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान, चाकुलिया के मोटाय बानरा सहित सभी निकायों के विशेष पदाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, अभियंता आदि मौजूद थे.फील्ड में उतरेंगे अधिकारी
डीसी ने नगर निकायों के सहायक नगर आयुक्तों और विशेष पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें. प्रतिदिन फील्ड में उतरकर सफाई का निरीक्षण करें. सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने वालों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगायें. साथ ही बरसात से पहले सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई का काम पूरा करायें. निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने वालों पर नजर रखें और पानी का छिड़काव करायें. डीसी ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों में बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करें. वहीं स्ट्रीट लाइटों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित करें.दो दिनों के अंदर सार्वजनिक स्थानों पर करें पेयतल की व्यवस्था
भीषण गर्मी और गहराते जलसंकट को देखते हुए डीसी ने सभी निकायों को आदेश दिया कि अगले दो दिनों के भीतर सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर घड़े और सुराही के माध्यम से शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें. राहगीरों की सुविधा के लिए एक सप्ताह के अंदर बंद पड़ी वाटर एटीएम को ठीक कर उन्हें चालू करें. ड्राई जोन और जलसंकट वाले इलाकों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करें.
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और रोजगार पर भी जोर
नागरिक सुविधाओं पर चर्चा करते हुए डीसी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. वहीं, नगरीय आबादी को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत सफाई कर्मियों के जॉब कार्ड बनाने और उन्हें जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया गया.
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