जमशेदपुर : पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए हाल के वर्षों में हुई सभी संदिग्ध नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द कर सीबीआइ जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अनशन पर बैठे छात्रों की हालत गंभीर
हफ्ते भर से आंदोलन कर रहे छात्रों में से भूख हड़ताल पर बैठा एक छात्र गंभीर हालत में आइसीयू में भर्ती है, लेकिन सरकार केवल संस्थाओं से बात करने के नाम पर मामले को भटका रही है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि जेपीएससी परीक्षा में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ हुई है और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ठेका दिया गया. बिचौलिए गिरफ्तार हो रहे हैं, लेकिन मुख्य आरोपी बचे हुए हैं.
हाई कोर्ट तक को गुमराह किया
वहीं, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की सीआइडी जांच में लीपापोती का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि घोटाले के आरोपी और उनके परिजनों का चयन होना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. इससे छात्रों का विश्वास टूट चुका है. जेएसएससी-सीजीएल की पहली सीआइडी जांच प्रक्रिया में दावा किया गया कि नेपाल में लोगों को 135 प्रश्न रटाए गए थे, जिसमें से 120 सवाल लीक हो चुके थे, लेकिन सीआइडी ने पूरे मामले की लीपापोती कर दी. हाई कोर्ट तक को गुमराह किया.
आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील
अब पता चल रहा है कि जेपीएससी घोटाले का आरोपी अभय तिवारी इस परीक्षा का सेकेंड टॉपर है, उसके परिवार के कई लोग चुने गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि इसलिए छात्रों का विश्वास इस पूरी व्यवस्था पर से उठ चुका है. विधानसभा घेराव करने आ रहे छात्रों से अनुशासित ढंग से आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील करते हुए उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया.
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भाजपा छात्रों के साथ खड़ी
उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड की युवा पीढ़ी के हक और अधिकार की इस लड़ाई में अगर आपको इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के मदद की आवश्यकता हो, तो हमारे दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हुए हैं. भाजपा सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी रहेगी.
