Jamshedpur news. सिर्फ एक अधिकारी के नहीं रहने से 120 से अधिक कंपनी-संस्थान नहीं ले पायेंगे जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ, करोड़ों का नुकसान

जमशेदपुर प्रमंडल में फरवरी माह से ही अपर आयुक्त अपील का पद खाली

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जमशेदपुर वाणिज्य कर प्रमंडल में सिर्फ एक अधिकारी के नहीं रहने के कारण जमशेदपुर की 120 से अधिक कंपनियां, कारोबारी और प्रतिष्ठान को झारखंड सरकार के वित्त विभाग के कारण जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा. ऐसे में इन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. जमशेदपुर प्रमंडल में अपर आयुक्त अपील के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं होने के कारण इस योजना के लाभ से व्यापारी वर्ग वंचित रह सकते हैं. जीएसटी एमनेस्टी योजना जमशेदपुर के कारोबारियों के लिए अच्छी खबर थी.

पिछले तीन वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में जिन कारोबारियों को नोटिस मिली है, वो सभी जीएसटी ब्याज और पेनल्टी माफी योजना का लाभ ले सकते थे. केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त योजना के लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 मार्च है. जमशेदपुर प्रमंडल ने जीएसटी ब्याज और पेनल्टी माफी के लिए संबंधित संस्थान-व्यापारियों ने अपने-अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से वाणिज्य विभाग के अपर आयुक्त के पास अपील कर रखी थी. संबंधित संस्थान-व्यापारियों को इस बात की टेंशन सता रही है कि जमशेदपुर प्रमंडल में फरवरी माह से ही अपर आयुक्त अपील का पद खाली पड़ा है. सरकार के नियम के अनुसार इस जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों क पहले संबंधित विभाग में की गयी अपील को विद ड्रा करना होगा फिर एक आवेदन बनाना होगा और अपील विद ड्रा का सर्टिफिकेट भी उसके साथ में अटैच करना होगा. इसके बाद उनके मामले को जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ के लिए मान्य समझा जायेगा.

धारा 128 ए में नयी जीएसटी एमनेस्टी योजना एक नवंबर 2024 को हुई लागू

इस योजना के तहत पिछले तीन वित्तीय वर्ष के लिए करदाता ब्याज और जुर्माने की छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 शामिल हैं. अगर ब्याज और जुर्माना पहले दिया जा चुका है, तो रिफंड नहीं होगा. जीएसटी एमनेस्टी योजना का लाभ लेने के लिए फार्म जीएसटी एसपीएल-01 या फार्म जीएसटी एसपीएल-02 में छूट के लिए आवेदन देना है. इस योजना के अंतर्गत करदाताओं को विलंब शुल्क में एकमुश्त छूट भी दी जायेगी.

वास्तविक जीएसटी बकाया में नहीं मिलेगी छूट

यह छूट एक जुलाई 2017 से 31 मार्च 2020 के बीच की कर अवधि के लिए बकाया जीएसटी मांगों पर प्रभावी होगी. अर्हता प्राप्त करने के लिए कारोबारियों को देय कर का भुगतान करना होगा और जीएसटी पोर्टल के माध्यम से छूट का आवेदन जमा करना होगा. यह योजना ब्याज और जुर्माना माफ करती है. यह करदाताओं को वास्तविक जीएसटी बकाया का भुगतान करने से छूट नहीं देती है.

इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

जीएसटी ब्याज और पेनाल्टी माफी योजना का लाभ अनुशासित होकर कर ब्याज और पेनल्टी जमा करने वाले कारोबारियों को नहीं मिलेगा. जीएसटी संशोधन कानून के अनुसार जो कारोबारी कानून बनने से पहले ब्याज और पेनल्टी के कर जमा कर चुके हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा.

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