Jamshedpur news. बोड़ाम : आम को बाजार उपलब्धता कराने को लेकर प्रखंड स्तरीय सम्मेलन

एनजीओ इंटरनेट टू सोल्यूशन एवं श्रीसरन्या के प्रतिनिधि ने किसानों को आश्वस्त किया के उनसे आम का क्रय करेंगे तथा बाजार भी उपलब्ध करायेंगे

Jamshedpur news.

मनरेगा से बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम को बाजार उपलब्ध कराने को लेकर प्रखंड स्तरीय सम्मेलन का आयोजन बोड़ाम प्रखंड परिसर में हुआ. सम्मेलन में बागवानी उत्पादों, विशेषकर आम के विपणन और मूल्य संवर्धन की ठोस रणनीति विकसित कर लाभुकों को उचित बाजार मूल्य प्राप्त हो सके एवं बागवानी को एक सतत आजीविका के रूप में प्रोत्साहन देने पर मंथन किया गया.सम्मेलन में एनजीओ इंटरनेट टू सोल्यूशन एवं श्रीसरन्या के प्रतिनिधि ने किसानों को आश्वस्त किया के उनसे आम का क्रय करेंगे तथा बाजार भी उपलब्ध करायेंगे, बिचौलियों की कोई भागीदारी नहीं रहेगी, किसान सीधे ग्राहक तक सामान पहुंचा सकेंगे. उक्त एनजीओ द्वारा दीनबंधु महतो के तीन एकड़ में फैले 326 आम के पेड़ों वाले बागान को अपने संरक्षण में लिया गया है. यह बागीचा मनरेगा बिरसा हरित योजना के अंतर्गत आता है. इस पहल से लाभुक को सीधे मंडी दर (रेट) पर आम बेचने का अवसर प्राप्त हुआ है. एनजीओ ने एक सप्ताह के भीतर सभी बगीचों का सर्वेक्षण करेंगे और उन्हें अपने संरक्षण में लेंगे, ताकि अधिक से अधिक लाभुकों को सीधा बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके. साथ ही दोनों एनजीओ ने आश्वस्त किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह अक्तूबर – नवंबर से सभी बगीचों का सर्वे शुरू करेंगे तथा तकनीक के माध्यम से उत्पाद बढ़ाने का प्रयास करेंगे. ऑल सीजन फॉर्म फ्रेश के प्रतिनिधि की ओर से भी किसानों को आश्वस्त किया गया कि वे किसानों को बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करने को कहा. मनरेगा योजना के अंतर्गत विगत आठ वर्षों से पूर्वी सिंहभूम जिला के विभिन्न प्रखंडो में बागवानी कार्य, विशेषकर आम फलदार पौधों की योजनाओं का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर किया गया है. खासकर इन प्रयासों के फलस्वरूप क्षेत्र में आम का उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है. हालांकि आम बागवानी योजना के लाभुकों को उनके उत्पादित फलों का उचित मूल्य प्राप्त नहीं हो पा रहा है. इससे उनके मनोबल में गिरावट तथा बागवानी के प्रति उदासीनता भी देखी जा रही है.घंटों चले सम्मेलन में निदेशक एनइपी संतोष गर्ग, बीडीओ, किकू महतो, विपणन सचिव बाजार समिति अभिषेक आनंद, एपीओ समेत जनप्रतिनिधि, लाभुक, बागवानी मित्र, कृषक मित्र, मेट, ग्राम रोजगार सेवक, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, एटीएम, बीटीएम, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जनसेवक, पंचायत सेवक, जेएसएलपीएस, सीएसओएस एवं आम क्रेता-विक्रेता (वेंडर), एनजीओ के प्रतिनिधि सहित विभिन्न संबंधित की सक्रिय भागीदारी रही.

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