Jamshedpur News : खुले स्थान में कूड़ा फेंकने और जलाने पर रोक, पकड़े गये तो...

सड़कों, सार्वजनिक स्थानों या नालियों में कचरा फेंकने, जलाने या जमीन में दबाने पर अब पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी है.

कोल्हान के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू

उपायुक्त को स्पेशल सेल का अध्यक्ष और कार्यपालक दंडाधिकारी को बनाया गया नोडल पदाधिकारी

नियम तोड़ने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत होगी कड़ी कार्रवाई

Jamshedpur News :

सड़कों, सार्वजनिक स्थानों या नालियों में कचरा फेंकने, जलाने या जमीन में दबाने पर अब पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी है. जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी), मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद, चाकुलिया नगर पंचायत समेत कोल्हान के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 लागू कर दिया गया है. नियमावली के अनुपालन के लिए पूर्वी सिंहभूम में जिला स्तरीय स्पेशल सेल का गठन किया गया है. उपायुक्त राजीव रंजन को 14 सदस्यीय स्पेशल सेल का अध्यक्ष और कार्यपालक दंडाधिकारी सुदिप्त राज को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. स्पेशल सेल पूरे जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की मॉनिटरिंग करेगी. हर तीन महीने में इसकी समीक्षा होगी. नगर निकाय क्षेत्र में शक्तियां नगर आयुक्त या कार्यपालक अधिकारी के हाथों में होंगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए स्थानीय निकायों के अधिकारियों को ऑन स्पॉट जुर्माना वसूलने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.

हरा, नीला, लाल और काला डस्टबिन रखना अनिवार्य

कचरा जमा होने वाले स्थानों पर अब हरा, नीला, लाल और काला डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा. हरा डस्टबिन गीले कचरे के लिए, नीला डस्टबिन सूखे कचरे (प्लास्टिक, कागज, गत्ते), लाल डस्टबिन सेनेटरी वेस्ट और काला डस्टबिन खतरनाक कचरा के लिए होगा. झुग्गी-झोपड़ियों से लेकर आलीशान सोसाइटियों और बाजारों से केवल अलग-अलग किया हुआ कचरा ही उठाया जायेगा. आम जनता को भी घरों में ही कचरे को चार श्रेणियों (गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और खतरनाक कचरा जैसे पुरानी दवाएं, बल्ब व बैटरियां) में बांटना होगा.

जीपीएस और सेंट्रल कंट्रोल रूम से वाहनों की निगरानी

कचरा उठाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाये जायेंगे. हर नगर निकाय क्षेत्र में कंट्रोल रूम के जरिये हर गाड़ी की लाइव लोकेशन ट्रैक की जायेगी. ताकि यह सुनिश्चित किया जायेग कि कोई भी वार्ड या मोहल्ले से कचरा उठाव न हो.

परिसर के भीतर ही करना होगा गीले कचरे का निपटान

अब 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन, प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक पानी की खपत करने वाले संस्थान या रोजाना 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली इकाइयां (होटल, अस्पताल, मॉल, आवासीय सोसायटियां) थोक अपशिष्ट जनरेटर मानी जायेंगी. इन्हें अपने परिसर के भीतर ही खाद या बायो-मीथेनेशन के जरिये गीले कचरे का प्रसंस्करण करना होगा.

दुकानदार और बड़े आयोजक रहें सावधान

सड़क किनारे दुकान लगाने वाले सभी स्ट्रीट वेंडर्स को डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा. वहीं, किसी भी आयोजन में 100 से अधिक लोग शामिल होने पर आयोजकों को तीन दिन पहले स्थानीय नगर निकाय को लिखित सूचित करना होगा. कार्यक्रम स्थल पर कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने की जिम्मेदारी उठानी होगी.

जिला स्तरीय स्पेशल सेल गठित

अध्यक्ष : राजीव रंजन, उपायुक्तसदस्य सचिव : नागेंद्र पासवान, डीडीसी

नोडल पदाधिकारी : सुदिप्त राज, कार्यपालक दंडाधिकारीसदस्य : ललित मीना (सिटी एसपी), शुभम खंडेलवाल (ग्रामीण एसपी), सबा अहमद अंसारी (वन प्रमंडल पदाधिकारी), संतोष गर्ग (अपर उपायुक्त), कृष्ण कुमार (उप नगर आयुक्त), कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, आदित्यपुर/जमशेदपुर), जितेंद्र सिंह (क्षेत्रीय पदाधिकारी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद), कार्यपालक पदाधिकारी (संदीप पासवान-जुगसलाई नगर परिषद, मोटाय बानरा-चाकुलिया नगर पंचायत), आरके सिंह (वरीय महाप्रबंधक, टाटा स्टील यूआइएसएल), संबंधित क्षेत्र के बीडीओ और सीओ.

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Author: RAJESH SINGH

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