जमशेदपुर: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को दूषित बताया गया है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि पहले अदालत के सामने पूरे तथ्य क्यों नहीं रखे गये और क्या न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश हुई थी.
बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकार और सुविधाएं शीर्ष स्तर के अधिकारी ले रहे हैं, जबकि जवाबदेही तय होने पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और मनोज कौशिक की भूमिका की जांच कराने की मांग की.
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पहले जांच को गलत दिशा में ले जाने और ‘गड़बड़ी नहीं हुई’ का दावा करने वाले शपथपत्र किसके दबाव में दाखिल किये गये थे. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
सीआइडी की जांच पर भी उठाये सवाल
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव था. सीआइडी की जांच पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी निष्पक्ष जांच करने के बजाय प्रभावशाली तंत्र की ढाल बनी दिख रही है. उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य को देखते हुए मामले की सीबीआइ जांच होनी चाहिए.
प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता को हटाने की मांग
भाजपा नेता ने मांग की कि प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता को जेएसएससी से तत्काल हटाया जाए. साथ ही मनोज कौशिक को सीआइडी एडीजी के पद से मुक्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता समेत उन सभी पूर्व अध्यक्षों और जिम्मेदार अधिकारियों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, जिनके कार्यकाल में यह गड़बड़ी हुई. साक्ष्य मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी और अभियोजन की कार्रवाई की जानी चाहिए.
संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, भाजपा के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक राजेश शुक्ला और मीडिया प्रभारी प्रेम झा मौजूद थे. इससे पहले सर्किट हाउस में बाबूलाल मरांडी से मिलने कई प्रमुख नेता भी पहुंचे.
