जमशेदपुर: सूर्य मंदिर समिति, सिदगोड़ा के तत्वावधान में आयोजित जलाभिषेक यात्रा में श्रद्धालुओं का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि पूरा शहर ''हर-हर महादेव'' और ''बोल बम'' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा. हरि मैदान बारीडीह से सूर्य मंदिर परिसर तक का पूरा मार्ग गेरुआमय हो गया, दूर-दूर तक केवल गेरुआ वस्त्रधारी शिवभक्त ही नजर आ रहे थे. इसमें करीब 30 हजार श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र की समृद्धि की कामना की. यात्रा में क्या अमीर, क्या गरीब, क्या ऊंच, क्या नीच सभी एक साथ थे. सभी के जल से बाबा का अभिषेक हुआ.
11 पंडितों ने कराया गंगाजल से संकल्प
जलयात्रा का शुभारंभ बारीडीह स्थित हरि मैदान से हुआ. अनुष्ठान की शुरुआत में 11 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी श्रद्धालुओं को गंगाजल हाथ में लेकर विधि-विधान से संकल्प दिलाया. माथे पर जल का कलश और जुबां पर बाबा भोलेनाथ के जयकारे लिए पुरुष, महिलाएं, युवा व बच्चे कतारबद्ध होकर आगे बढ़ते रहे. रास्ते भर बज रहे भक्तिमय संगीत और भजनों की धुन पर शिवभक्त झूमते-नाचते नजर आए.
देखते बन रही थी शंकर-पार्वती की झांकी
जलयात्रा के दौरान निकाली गई धार्मिक झांकियां लोगों के बीच कौतुहल और आकर्षण का केंद्र रहीं. भगवान शिव, माता पार्वती सहित विभिन्न देवी-देवताओं के रूप में सजे कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया. विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए यात्रा सूर्य मंदिर परिसर पहुंची.
बाबा धाम की तर्ज पर अरघे से हुआ जलाभिषेक
सूर्य मंदिर परिसर स्थित शिवालय में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए समिति की ओर से पुख्ता इंतजाम किये गये थे. अव्यवस्था से बचने और श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पूरे परिसर में बैरिकेडिंग की गयी थी. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की तर्ज पर यहां भी अरघा लगाया गया था.
श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर सुगमता और अनुशासन के साथ अरघे के जरिये भगवान शिव का जलाभिषेक किया. जलाभिषेक यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री सह सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास, संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, विधायक पूर्णिमा साहू समेत कई गणमान्य शामिल हुए. जलाभिषेक के उपरांत सोन मंडप परिसर में विशाल महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया.
