जमशेदपुर : गोविंदपुर थाना क्षेत्र के घोड़ाबांधा में रविवार की दोपहर स्थानीय लोगों ने अंगूठी व पत्थर के विक्रेता पर ठगी का आरोप लगाकर पिटाई कर दी. मूंगा के नाम पर नकली पत्थर छह हजार रुपये में बेचने का आरोप लोगों ने साधु पर लगाया.
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने लोगों के कब्जे से रत्न विक्रेता को मुक्त कराया. मालूम हो कि घोड़ाबांधा में रविवार सुबह 11 बजे घर का दोष ठीक करने के नाम पर एक ठग साधु ने महिला से 65 सौ रुपये ठग लिये. उसके बाद जब उसी भेष में दूसरा साधु मोहल्ले में घूम रहा था, तो लोगों ने उसे पकड़ लिया और दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा.
बाद में गोविंदपुर पुलिस के पहुंचने पर उस साधु को पुलिस के हवाले कर दिया गया. इस मामले में अपर्णा माला के बयान पर गोविंदपुर थाना में शिकायत की गयी है. पुलिस ने पकड़े गये साधु की निशानदेही पर दूसरे साधु को भी पकड़ा.
दोनों का नाम बसंत लाल देव और हीरा लाल देव है जो बिहार के दरभंगा के रहने वाले है. थाना प्रभारी अशोक पासवान के अनुसार अंगूठी के लिए लिये गये छह हजार रुपये वापस करने के बाद लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करायी. बसंत लाल और हीरा लाल की ओर से भी कोई शिकायत नहीं दर्ज कराने पर पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया.
ग्रह दोष दूर करने का दिया झांसा
अपर्णा का कहना है कि रविवार सुबह उसके घर एक साधु आया. उसने कहा कि उसके घर में दोष है जिससे उसके परिवार में लगातार झगड़ा होता है. परिवार में शांति चाहिए तो उसे दोष दूर करना होगा. साधु ने आर्थिक संकट भी दूर होने की बात कही.
उसके बाद उसने दोष दूर करने के नाम पर महिला से 10 हजार रुपये मांगे. महिला ने कहा कि अभी उसके पास 65 सौ रुपये ही है. महिला के कहने पर साधु ने उसे शिकार बना लिया. उसके बाद उसने महिला से रुपये लेकर पूजा का सामान लाने के नाम पर वहां से फरार हो गया.
शक पर पकड़ा गया दूसरा साधु
उस वक्त पति विद्युत माला बाजार गये हुए थे. जब लौटकर आये तो महिला ने इसकी जानकारी अपने पति को दी. तुरंत ही पति स्थानीय लोगों के साथ मिल कर उस साधु को खोजने लगे. इसी बीच एक अन्य साधु जो उसी भेष में था वह थोड़ी ही दूर में पकड़ा गया. उसे पकड़कर लोगों ने बंधक बना लिया.
