जमशेदपुर : टाटा स्टील में ग्रुप जनरल काउंसिल आइएल वन लेवल की अधिकारी दीपाली तलवार अपना पद छोड़ रही हैं. वह 31 मार्च 2019 तक ही टाटा स्टील ग्रुप का हिस्सा रहेंगी. टाटा स्टील परिवार ने उनके बेहतर भविष्य की शुभकामना दी है. माना जा रहा है कि इस निर्णय के साथ ही ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के समय किये गये कई बदलाव स्वत: रद्द हो गये हैं.
मिस्त्री के कार्यकाल में लीगल, कॉरपोरेट व फाइनेंस के मामलों की जिम्मेदारी कंपनी के एमडी से लेकर सेकेंड पावर सेंटर के रूप में कौशिक चटर्जी को दी गयी थी. एमडी टीवी नरेंद्रन के सीइअो बनने के बाद हाइ लेवल पर कॉस्ट कम करने की दिशा में कई कदम उठाये गये.
माना जा रहा है कि इसी कड़ी में तीन वीपी के बाद आइएल वन स्तर के अधिकारी की नियुक्ति के फैसले को पलट दिया गया है. कंपनी की ओर से शुक्रवार को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि तलवार अपनी सेवायें समूह से अलग देना चाहती हैं. वह तय अवधि तक मैनेजमेंट टीम का सहयोग करेंगी.
ग्रुप जनरल काउंसिल का पद खाली होने की स्थिति में प्रबंधन की ओर से कुछ बदलाव किये गये हैं. नये फैसले के अनुसार एक जनवरी, 2019 से आइएल-2 स्तर के अधिकारी कांचीनाधाम पार्वतीसाम को कंपनी सेक्रेटरी के अलावा चीफ लीगल ऑफिसर (कॉरपोरेट एंड कम्प्लाइंस) की जिम्मेदारी दी गयी है.
अब वह कंपनी की कानूनी जरूरत के अनुसार गवर्नेंस कम्प्लाइंस मैटर, कॉरपोरेट एक्शन व न्यू वेंचर की जिम्मेदारी निभायेंगे. वह अपने काम का निष्पादन मुंबई से करेंगे. वह सीईओ सह एमडी को रिपोर्ट करेंगे.
मीणा लाल को चीफ लीगल ऑफिसर (इंडस्ट्रीयल एंड लिटिगेशन) की जिम्मेवारी दी गयी है. वर्तमान स्तर से ही वह अपने काम का निष्पादन करेंगी. वह टाटा स्टील की माइनिंग, एनवायरमेंट, लैंड, कॉन्ट्रैक्टिंग, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट, लेबर मैटर और एलिगेशन से संबंधित सभी मुद्दों को देखेंगी.
