जमशेदपुर : गोविंदपुर संत जेवियर स्कूल के पीछे बस्ती में रहने वाले 12 परिवारों की झोपड़ीनुमा घर को पिछले दिनों दबंगों ने जला दिया था. घर जलने के कारण बच्चों के किताब, खाने का सामान समेत जरूरत की सभी सामान जल गयी. घर जलने के बाद से 12 परिवार बच्चे अौर महिलाअों के साथ कड़ाके की ठंड में तिरपाल-प्लास्टिक के नीचे रह रहे हैं.
कम्युनिस्ट पार्टी के अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में 12 परिवार की महिलाअों ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया अौर पुनर्वास तथा मुआवजे की मांग की. उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि 24 दिसंबर को कुछ दबंगों द्वारा उनकी झोपड़ियों को जला दिया गया. बस्ती में हरिजन एवं आदिवासी परिवार हैं. झोपड़ी जला दिये जाने के कारण ठंड में सभी परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. उपायुक्त से सभी परिवार के पुनर्वास की व्यवस्था करने, मुआवजा देने तथा झोपड़ी जलाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
खाने के सामान भी नहीं हैं परिवारों के पास
पीड़ित महिला सविता भगत ने बताया कि 24 दिसंबर को दिन में तीन बजे झोपड़ियों में आग लगाया गया. जिस समय घर में आग लगाया गया उस समय उनका दो साल से भी छोटा बच्चा जलते हुए घर में फंस गया था अौर उसे निकालने के प्रयास में एक व्यक्ति का हाथ टूट गया. घर जल जाने के कारण खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है अौर एआइएसएफ द्वारा खाना दी जा रही है अौर किसी ने मदद नहीं की. आग से सविता, देवी सिंह, तिलोत्मा, पूजा, गुरुवारी हरिजन, बेहुला हरिजन, सुभाषिनी बास्के, मंजू सिंह, कलावती भगत, खुशी गोप, सखी सिंह, संजीता सिंह समेत 12 लोगों के घर जल गये हैं अौर प्रशासन की अोर से कोई मदद नहीं मिली है.
