जमशेदपुर: विज्ञान और उद्योग से संबंधित अनुसंधान के क्षेत्र लगातार उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा एनएमएल (नेशनल मेटलजिर्कल लेबोरेटरी) अब भारत को रक्षा के क्षेत्र में सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में नयी भूमिका निभा रहा है.
एनएमएल ने सुरक्षा उपकरणों के फेलियर (विफलता) और दुर्घटनाओं के कारणों की जांच करने के साथ ही इसके समाधान और सुरक्षित रखने के उपायों की खोज कर रहा है. एनएमएल सूत्रों के मुताबिक रक्षा के क्षेत्र में एनएमएल को और कारगर बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से आर्थिक मदद (बुक ट्रांसफर) दी जा रही है साथ ही नयी खोज करने के लिए अतिरिक्त वैज्ञानिकों को भी लगाया गया है.
राजस्थान के जैसलमेर जिले में श्रीमोहनगढ़ गांव के खेतों में बमों की केमिकल जांच करने के लिए एनएमएल को अधिकृत किया गया है. भारत यह जांच कराना चाहता है कि पाकिस्तान जिन बमों का इस्तेमाल कर रहा है, वह किस प्रकार का है और उसका उपयोग किस स्तर पर हो रहा है.
