प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में चावल खत्म, बच्चों की खिचड़ी ''राम भरोसे''

जमशेदपुर : जमशेदपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में चावल खत्म हो गयी है. अब बच्चों के लिए खिचड़ी नहीं बन सकेगी. केंद्र में वर्ष 2017 में मार्च महीने में तीन महीने का चावल दिया गया था. उसके बाद 2018 में फरवरी में चावल दिया गया, जिसे सीडीपीओ आदेशानुसार पूर्व में दिये गये आहार (खिचड़ी) में […]

जमशेदपुर : जमशेदपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में चावल खत्म हो गयी है. अब बच्चों के लिए खिचड़ी नहीं बन सकेगी. केंद्र में वर्ष 2017 में मार्च महीने में तीन महीने का चावल दिया गया था. उसके बाद 2018 में फरवरी में चावल दिया गया, जिसे सीडीपीओ आदेशानुसार पूर्व में दिये गये आहार (खिचड़ी) में समायोजित किया गया. अब स्थिति यह है कि बच्चों को खिलाने के लिए केंद्र मेें कुछ भी नहीं है. यह जानकारी जमशेदपुर प्रखंड के आंगनबाड़ी सेविकाओं ने दी है.
गुरुवार को आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल उपाध्यक्ष से मिलने पहुंचा था. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा. जिला संयोजक बिंदु रानी ने बताया कि जुलाई 2017 से आंगनबाड़ी केंद्र का किराया नहीं मिला है. इससे मकान मालिक केंद्र को बंद करने की चेतावनी देते हैं.
चिकित्सा विभाग द्वारा कुष्ट निवारण जांच के लिए घर-घर सर्वे करवाया गया था, लेकिन उस कार्य के लिए अभी तक भुगतान नहीं किया गया है. खाद्य आपूर्ति विभाग ने भी घर-घर जाकर राशन कार्ड बनवाने का कार्य सौंपा था. उसका भी मेहनताना का भुगतान नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास द्वारा कुछ सेविकाओं को साइकिल प्रदान किया गया था. अभी भी बहुत सारी सेविकाएं हैं, जिन्हें साइकिल नहीं मिल सका है. बिंदु रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को बकाया राशि का अविलंब भुगतान किया जाये. प्रतिनिधिमंडल में काफी संख्या में सेविकाएं मौजूद थीं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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