जमशेदपुर : तीन माह के अंतराल में जमशेदपुर व आसपास के क्षेत्रों में 23 ट्रांसफॉर्मर जल गये है. उनके स्थान पर मरम्मत किये गये ट्रांसफॉर्मर को लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करायी गयी है. हालांकि लगातार ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं से विभाग परेशान है. बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर जलने के पीछे खराब रख-रखाव, ओवरलोड, वज्रपात को मुख्य कारण बताया जा रहा है.
हालांकि ट्रांसफॉर्मरों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे. जमशेदपुर एरिया बोर्ड में पंजाब के अलावा स्थानीय स्तर पर भी ट्रांसफॉर्मर की खरीद की जाती है. अधीक्षण अभियंता मनमोहन कुमार के अनुसार जमशेदपुर, घाटशिला, आदित्यपुर थंडरिंग जोन वाले इलाके है जहां बारिश के मौसम में वज्रपात आम बात है.
ज्यूलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट में भी इसे थंडरिंग जोन बताया गया है. इस संबंध में जमशेदपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता मनमोहन कुमार ने कहा है कि अधिकांश ट्रांसफॉर्मर वज्रपात से जले हैं. उन्होंने बताया कि बिजली तारों में लाइटिंग अरेस्टर लगाकर ट्रांसफॉर्मर व तार को जलने से बचाया जा सकेगा. इसका काम शुरू हो गया है. हालांकि इसमें कुछ विलंब लग सकता है.
जवाहरनगर में कभी भी हो सकती है अप्रिय घटना
जमशेदपुर : मानगो जवाहनगर रोड नंबर 13 में बिजली विभाग की लापरवाही से कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है. यहां बिजली के करंट से जान-माल को नुकसान हो सकता है. बस्ती में पहले बांस पर बिजली की तार खींची गयी थी. बिजली विभाग से शिकायत करने पर बिजली विभाग पोल तो लगाया, लेकिन मानक के मुताबिक बिजली का पोल नहीं लगने से पोल कुछ ही दिनों में झुक गयी.
इतना ही नहीं, जब इसकी दोबारा शिकायत की गयी, तब विभाग ने पोल के ऊपर लोगों ने एंगल लगाया, लेकिन लोहे के एंगल को क्लैप के बजाय रस्सी से बांधकर खानापूर्ति कर दी. इसकी पुन: स्थानीय उपभोक्ता जावेद अली ने डीसी, बिजली विभाग के जीएम को शिकायत की है.
