जमशेदपुर : राज्य की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी चीजों को बदला जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि हर जगह क्वालिटी बिजली लोगों दी जायेगी. यह बात झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीएनएल) के एमडी राहुल पुरवार ने बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में शहर के उद्यमियों और व्यापारियों के साथ बैठक में कही. राहुल पुरवार ने कहा कि झारखंड के 68 लाख परिवार में से 22 लाख लाख ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है. इनमें से एक लाख परिवार जमशेदपुर में मौजूद है.
उन्होंने कहा कि मोमेंटम झारखंड का सपना पूरा करते हुए दिसंबर के अंत तक स्कूल-कॉलेज व आंगनबाड़ी के साथ-साथ राज्य के सभी घरों में 24 घंटे तक बिजली की सुविधा उपलब्ध करवायी जायेगी. इसके तहत सर्वश्रेष्ठ स्तर की बिजली सप्लाई के लिए पूरे राज्य में 375 नये पावर सब स्टेशन बनवाये जा रहे हैं. इनमें से जमशेदपुर में 10 पावर सब-स्टेशन दिसंबर तक बन जायेगा. इसमें से जुलाई तक तीन, सितंबर तक छह और दिसंबर तक कुल 10 पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो जायेगा.
इसके अलावा जमशेदपुर के शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक पावर की समस्या के समाधान के लिए पुराने ट्रांसफॉर्मरों के स्टनिंग के साथ-साथ 1100 नये ट्रांसफॉर्मर लगाये जायेंगे. इससे वोल्टेज की समस्या का हल होगा. वहीं 900 किलोमीटर एरियल बंच केबल वायर लगा देने से बिजली चोरी जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होगी. राहुल पुरवार ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में अंडर ग्राउंड केबलिंग किया जायेगा.
अंडर ग्राउंड केबलिंग का काम 2020 तक हो जायेगा पूरा. सिंहभूम चेंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्री पुरवार ने कहा कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जमशेदपुर के एक चौथाई क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम चल रहा है. यह काम नवंबर तक पूरा हो जायेगा. हूकिंग रोकने के लिए एरियल बंच केबल लगाया जा रहा है, जिसका काम नवंबर-दिसंबर तक पूरा हो जायेगा. पूरे शहर में अंडर ग्राउंड केबलिंग का टेंडर बहुत जल्द हो जायेगा. नवंबर-दिसंबर तक यह काम शुरू होगा, जो 2020 तक पूरा हो जायेगा. साथ-साथ 33/11 केवीए लाइन को दुरुस्त किया जा रहा है.
बैठक में सिंहभूम चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक भालोटिया, पूर्व अध्यक्ष निर्मल काबरा, सुरेश सोंथालिया, दिनेश चौधरी, सत्यनारायण अग्रवाल मुन्ना, राजकुमार संघी, संतोष खेतान, रुपेश कतरियार, भरत वसानी, विजय आनंद मूनका, नितेश धूत, सुधीर सिंह आदि मौजूद थे.
