जमशेदपुर :एमजीएम मेडिकल कॉलेज को 100 सीटों पर एडमिशन की स्वीकृति शर्तों पर मिली है. तीन माह में शर्तों को पूरा करने के बाद भी 100 सीटों पर नामांकन संभव हो सकेगा. मेडिकल काउंसिल अॉफ इंडिया की अोर से सबसे अधिक आपत्ति शिक्षकों की कमी को लेकर दर्ज करायी गयी है. राज्य सरकार के स्तर से पिछले दिनों इसे दूर करने का प्रयास किया गया है.
सीनियर रेजीडेंट व ट्यूटर को बहाल किया गया. प्रिंसिपल डॉ एसी अखौरी ने बताया कि सीनियर रेजीडेंट की कमी अब सिर्फ 7.3 फीसदी रह गयी है. सरकार की अोर से असिस्टेंट प्रोफेसर को भी बहाल करने का प्रयास हो रहा है. उन्होंने कहा कि एमसीआइ की अोर से एमजीएम अस्पताल में कई कमियां गिनायी गयी थी. जिसमें नयी तकनीक पर आधारित सिटी स्कैन मशीन मुख्य है. अस्पताल में फिलहाल 4 स्लाइस का सिटी स्कैन मशीन लगी है जबकि एमसीआइ के मानक के अनुसार 16 स्लाइस का मशीन चाहिए. एक्स-रे मशीन में पुरानी तकनीक वाली है. अॉक्सीजन के गैस लाइन की व्यवस्था करनी होगी. ज्यादा से ज्यादा सर्जरी हो इसे भी सुनिश्चित करना होगा. हालांकि उन्होंने उम्मीद जतायी कि सरकार इस दिशा में गंभीर है, तीन महीने में व्यवस्थाअों को दुरुस्त कर लिया जायेगा.
पीएमसीएच धनबाद की नहीं बढ़ी सीटें झारखंड से 100 सीटों में कटौती की गयी थी. एमजीएम की 50 जबकि पीएमसीएच धनबाद की भी 50 सीटें काटी गयी थी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने एमसीआइ के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 100 सीटों पर एडमिशन की सशर्त हरी झंडी मिली, लेकिन पीएमसीएच प्रबंधन ने एमसीआइ के फैसले के खिलाफ अपील नहीं की थी. जिसके बाद धनबाद की सीटें घटा दी गयी है.
