साेनारी गुरुद्वारा का अपना संविधान, नाम वापसी स्क्रूटनी व सिंबल आज बांटेंगे: गिल
जमशेदपुर : सीजीपीसी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने साेनारी गुरुद्वारा की चुनावी प्रक्रिया पर अगले आदेश तक के लिए राेक लगा दी है. शनिवार काे साेनारी गुरुद्वारा चुनाव में दावेदाराें की नाम वापसी, स्क्रूटनी आैर सिंबल आवंटित किये जाने का दिन तय था. साेनारी गुरुद्वारा चुनाव में पूर्व में काटे गये 12 वाेटाें काे फिर से जाेड़े जाने का विवाद चल रहा है. विवाद काे लेकर तरह-तरह के आराेप लगाये जा रहे हैं. सीजीपीसी के प्रधान सरदार गुरमुख सिंह मुखे ने कहा कि उनका प्रयास है कि चुनाव 24 काे ही हाे, लेकिन उसके पहले सभी पक्षाें की सहमति से वाेटर लिस्ट काे दुरुस्त कर लिया जाये. आराेपाें की जमीनी स्तर पर जांच हाेगी. सीजीपीसी चुनावी प्रक्रिया में न किसी का समर्थन करती है आैर न ही किसी का विराेध. उनकी साेच है कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाये. किसी भी तरफ से यदि आराेप-प्रत्याराेप लगाये गये हैं ताे उनका निराकरण जायज जवाब के साथ किया जाना चाहिए.
चुनावी प्रक्रिया को रोकने का आदेश असंवैधानिक : बलबीर
सोनारी गुरुद्वारा चुनाव समिति के संयोजक सरदार बलबीर सिंह गिल ने चुनावी प्रक्रिया रोकने के सीजीपीसी के प्रधान सरदार गुरमुख सिंह के आदेश काे असंवैधानिक बताया है. उन्होंने कहा कि गुरमुख सिंह मुखे ने सीजीपीसी के चुनाव संयोजक सरदार दलजीत सिंह दल्ली एवं अन्य सदस्यों से किसी प्रकार की सलाह नहीं ली है आैर न ही उनसे काेई जानकारी हासिल की. प्रधान पद के उम्मीदवार सरदार मंजीत सिंह काे भी अंधेरे में रखते हुए प्रत्याशी तारा सिंह द्वारा गुमराह किये जाने पर पूरी प्रक्रिया काे ही राेक दिया. उन्हें ऐसा करने का कोई हक नहीं है. गुरुद्वारा कमेटियों ने चुनाव कमेटी का संयोजक दलजीत सिंह दल्ली को बनाया है, उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे निष्पक्ष चुनाव संपन्न करायें. गुरमुख सिंह ने अकाली दल को स्क्रूटनी में शामिल होने से मना कर दिया. सोनारी गुरुद्वारा चुनाव कमेटी रविवार की शाम स्क्रूटनी, नाम वापसी एवं सिंबल आवंटन की प्रक्रिया काे पूरा करेगी. सोनारी गुरुद्वारा कमेटी का अपना संविधान है और वह इसकी रक्षा एवं पालन को पूरी तरह से स्वतंत्र है.
